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दिग्विजय सिंह राजगढ़ में लड़ाना चाहते हैं 400 उम्मीदवार, जानिए क्यों?

digvijai singh

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह मध्य प्रदेश के राजगढ़ लोकसभा क्षेत्र चुनावी मैदान में हैं. आम तौर चुनाव लड़ने वाला उम्मीदवार डमी कैंडिडेट उतारता है और एक नहीं कई उतारता है ताकी विरोधी पार्टी के वोट कट सकें लेकिन दिग्विजय सिंह राजगढ़ से एक नहीं 400 उम्मीदवार उतारने की कोशिश में लगे हुए हैं और उन्होंने इसके लिए बाकायदा मुहीम छेड़ रखी है. दरअसल दिग्विजय सिंह चाहते हैं कि इतने उम्मीदवार उतार दिए जांय कि EVM मशीन में समा ही न पाएं और फिर निर्वाचन आयोग को मजबूरी में बैलेट पेपर से चुनाव कराना पड़े.

बता दें कि ये बात अब धीरे धीरे काफी ज़ोर पकड़ती जा रही है कि अगर निर्वाचन आयोग EVM हटाने को किसी भी तरह तैयार नहीं है तो फिर कोई ऐसा तरीका निकाला जाय जिससे मजबूर होकर बैलेट पेपर से चुनाव कराये जांय। दिग्विजय सिंह राजगढ़ में ऐसे 400 लोगों को चुनाव लड़ने के लिए तैयार करने में जुटे हुए हैं, चुनाव लड़ने के लिए उनकी सिक्योरिटी मनी जुटाने में जुटे हुए हैं। बता दें कि अनारक्षित वर्ग वालों को 25,000 रुपये सिक्योरिटी के तौर पर जमा करने होते हैं और आरक्षित वर्ग के लोगों को 12,500 रुपये जमा करने होते हैं। दिग्विजय सिंह अगर ऐसा करने में कामयाब हो गए तो राजगढ़ इस देश में ऐसी सीट हो जाएगी जहां मतपत्र से चुनाव होंगे।

दिग्विजय सिंह ने कहा कि लोग इस सरकार से तंग आ चुके हैं, EVM पर लोग लगातार संदेह जा रहे हैं लेकिन निर्वाचन आयोग सुनने को तैयार नहीं, उससे जब भी कोई सवाल पूछो तो अपने मैनुअल और एफएक्यू (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न) भेजने के अलावा कोई जवाब नहीं देता। दिग्विजय सिंह स्पष्ट रूप से कहा उन्हें EVM पर भरोसा नहीं है. EVM को लेकर सबसे अच्छी बात प्रशांत किशोर ने कही, PK ने कहा कि अगर EVM पर भरोसा नहीं तो फिर खिलाफ जन आंदोलन छेड़ना चाहिए, सुविधा की राजनीती नहीं करनी चाहिए। ये नहीं होना चाहिए कि एक राज्य का चुनाव जीते तो EVM ठीक और दूसरे का हारे तो EVM खराब। EVM पर अगर विश्वास नहीं है तो फिर पूरी तरह न हो, भले ही इसके लिए चुनाव का बहिष्कार ही क्यों न करना पड़े.

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