नई दिल्ली। राजस्थान के सियासी घटनाक्रम के बीच ही कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव अब और भी दिलचस्प हो गया है। आज गुरुवार को दिग्विजय सिंह ने नामांकन फार्म लिया है। दिग्विजय सिंह ने बातचीत में कहा कि वह अपना नामांकन फॉर्म लेने आए हैं। और संभवतः शुक्रवार को वो नामांकन फॉर्म दाखिल करेंगे। इसके पहले मध्यप्रदेश के नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मंत्री डॉ0 गोविंद सिंह ने कहा कि वह दिग्विजय सिंह का प्रस्तावक बनने के लिए दिल्ली जाएंगे। मध्यप्रदेश से 10 विधायक दिल्ली जाएंगे। डॉ. गोविंद सिंह के मुताबिक कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने उनको विधायकों के साथ दिल्ली जाने को कहा गया है। गुरुवार शाम तक विधायक दिल्ली पहुंच जाएंगे। गोविंद सिंह ने दिग्विजय सिंह के अध्यक्ष बनने पर कहा कि उनका अध्यक्ष बनना कांग्रेस के लिए अच्छा निर्णय होगा। वह कई पदों पर भी काम कर चुके हैं। उनके अनुभव का लाभ कांग्रेस पार्टी को मिलेगा। डॉ. गोविंद सिंह के साथ विधायक और पूर्वमंत्री जीतू पटवारी, सचिन यादव, आरिफ मसूद, पीसी शर्मा सहित अन्य विधायकों के दिल्ली जाने की संभावना है।
दिग्विजय सिंह मध्यप्रदेश के 10 साल तक मुख्यमंत्री रहे। उनके पास ऑल इंडिया कांग्रेस का महासचिव रहते हुए कई राज्यों का प्रभार रहा। इनमें महाराष्ट्र, असम, राजस्थान, कर्नाटक, गोवा,उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्य शामिल हैं। इनमें कई जगह उनके समय सरकार बनी तो कहीं कांग्रेस का वोट प्रतिशत बढ़ा था। अभी राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा की प्लानिंग दिग्विजय सिंह ने की है। जिसे भारी समर्थन मिल रहा है। कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने बताया कि दिग्विजय सिंह यदि फॉर्म भर रहे हैं तो यह आलाकमान का ही निर्देश होगा। वह बिना आलाकमान के निर्देश के कोई निर्णय नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि यह उन लोगों को जवाब होगा जो कहते हैं कि गांधी परिवार के अलावा कोई दूसरा कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष नहीं हो सकता। वहीं, भाजपा ने दिग्विजय सिंह के अध्यक्ष पद की रेस में शामिल होने पर तंज कसा है। प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने दिग्विजय सिंह के नामांकन फॉर्म लेने पर कहा कि हम चाहते हैं कि वह अध्यक्ष बने। सारंग ने कहा कि उनके जहां-जहां पाव पड़े वहां वहां कांग्रेस का बंटाधार ही हुआ है।

