कांग्रेस अध्यक्ष पद चुनाव के चुनाव के लिए नामांकन करने का आज अंतिम दिन है और नॉमिनेशन के आखरी दिन जो सबसे बड़ी खबर आई वो ये थी कि कल तक अध्यक्ष पद की रेस में सबसे आगे समझे जाने वाले दिग्विजय सींग अब इस रेस में शामिल नहीं हैं बल्कि उनकी जगह पार्टी के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खडगे अब कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ेंगे। दिग्विजय ने खुद चुनावी रेस से हटने का एलान किया। अपने इस एलान के बाद दिग्विजय ने खड़गे से जाकर मुलाकात की और उन्हें अपना पूरा समर्थन दिया, कहा जा रहा है कि दिग्विजय सिंह खड़गे के प्रस्तावक बनेगे।
दिग्विजय सिंह ने आज सुबह कहा कि उन्हें पता चला है कि पार्टी के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नामांकन करने जा रहे हैं, इस खबर के बाद उनके इस रेस में बने रहने का कोई औचित्य नहीं बनता। दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनका पूरा राजनीतिक जीवन कांग्रेस के लिए काम करते हुए गुज़रा है. मैं हमेशा दलित-आदिवासियों और गरीबों की लड़ाई लड़ी है, सांप्रदायिक के खिलाफ खड़ा रहा और गांधी-नेहरू परिवार के लिए के लिए वफादार रहा. वहीँ अपने को चुनाव से अलग करने वाले एक और नेता अशोक गहलोत ने भी खड़गे का प्रस्तावक बनने की बात कही है. गेहलोत ने फिर दोहराया कि उन्हें पद की कोई लालसा नहीं, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी चाहेंगी तो वो मुख्यमंत्री बने रहेंगे.
उधर कांग्रेस एक और वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने स्पष्ट करते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह इसलिए मैदान में थे क्योंकि गेहलोत चुनाव नहीं लड़ना छह रहे थे, प्रमोद तिवारी ने कहा कि अब शशि थरूर औऱ मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच में अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होगा। वहीँ खड़गे की उम्मीदवारी पर शशि थरूर ने कहा कि वो अपना नामांकन दाखिल करेंगे तभी मैं कोई प्रतिक्रिया दूंगा. दूसरी तरफ केसी वेणुगोपाल ने खड़गे को आलाकमान के उस फैसले से अवगत करा दिया है कि गांधी परिवार का कोई भी उम्मीदवार अध्यक्ष पद की दौड़ में नहीं है, वह पूरी तरह से निष्पक्ष हैं, अशोक गेहलोत को भी यही बात कही गयी थी जिसके बाद वो अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने से थोड़ा बिदक गए थे क्योंकि उन्हें लग रहा था कि अगर हम चुनाव हार गए तो डबल नुक्सान हो जायेगा.

