Site icon Buziness Bytes Hindi

Gujarat Chunavi Dangal: बीजेपी को थी हार्दिक की जरूरत या हार्दिक को थी बीजेपी की जरूरत

Gujarat Chunavi Dangal: गुजरात में इस साल के अंत मे विधानसभा चुनाव होने को है वही पाटीदार नेता हार्दिक पटेल इस समय पूरे गुजरात मे चर्चा का विषय बने हुए हैं। हार्दिक ने जब से 2 जून को भगवा चोला पहना है वह अब भगवा भाषा से ही अपनी पहचान बना रहे हैं वही जो लोग पाटीदार आंदोलन में हार्दिक के साथ थे वह जमकर हार्दिक का विरोध कर रहे हैं और इन्हें मतलबी बता रहे हैं। सरदार पटेल संगठन के अध्यक्ष का कहना है कि हार्दिक अब विश्वास खो चुके हैं वह धोखे बाज नेता है उन्होंने अपने व्यक्तिगत लाभ हेतु पूरे पाटीदार समाज को धोखा दिया है। 

Also read: गुजरात विधानसभा चुनाव में क्यों सौराष्ट्र को भेदना चाहती भाजपा

वही अगर हम हार्दिक पटेल की बात करें तो वर्तमान समय मे उनकी जो धमक पहले पाटीदार समाज मे थी अब नहीं बची है। अब पूरा पाटीदार समाज इनसे रूठा हुआ है। वैसे तो हार्दिक पटेल ने इस वजह से कांग्रेस का दामन छोड़ दिया क्योंकि उनका कहना था की उन्हें कांग्रेस में निर्णय लेने का अधिकार नहीं था और कांग्रेस में लोग एकजुटता के साथ नहीं खड़े थे। लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह खबर हवा में उड़ रही है कि हार्दिक पटेल ने कांग्रेस का दामन अपने व्यक्तिगत लाभ हेतु छोड़ा है। क्योंकि सूत्रों के हवाले से यह खबर आ रही है कि अब इन्हें चुनाव में टिकट मिलने वाला है और वह भाजपा की ओर से मैदान में उतरेंगे।

Also read: जाने हार्दिक पर दर्ज है कौन कौन से मुकदमे और कोर्ट के सामने हार्दिक ने ली थी क्या शपथ

वही अगर हम बात भाजपा की करे तो भाजपा को कभी भी हार्दिक पटेल की आवश्यकता नहीं रही है। क्योंकि भाजपा के पास पहले से पाटीदार सामाज को साधने की शक्ति थी। वही हार्दिक को भाजपा की जरूरत एक मजबूत संगठन से जुड़ने के औचित्य से थी। क्योंकि हार्दिक पटेल को पांच राज्यों में मिली कांग्रेस के बाद यह आहत तो लग गई थी कि अब राजनीति में कांग्रेस के पैर कमजोर हो रहे हैं और अगर वह इसी दल में रहे तो आगामी समय उनके भविष्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। वही भाजपा हार्दिक को अपने साथ लाने के लिए इसलिए तैयार हुई क्योंकि हार्दिक बीजेपी के कट्टर विरोधी रहे हैं और कांग्रेस के पास पाटीदार समाज को भेदने के लिए सिर्फ हार्दिक पटेल थे।

Exit mobile version