Sharad Purnima 2022 -इस बार रविवार 9 अक्टूबर 2022 को शरद पूर्णिमा पड़ रही है। शरद पूर्णिमा की रात में चन्द्रमा की किरणों में रखी दूध– चावल की खीर का सेवन पित्तशामक व स्वास्थ्यवर्धक होता है।
इस रात को सुई में धागा पिरोने से नेत्रज्योति तेज होती है। शरद पूनम की रात आध्यात्मिक उत्थान के लिए बहुत फायदेमंद होती है। इसलिए सबको इस रात को जागरण करना चाहिए। जहाँ तक संभव हो सोना नहीं चाहिए। इस पवित्र रात्रि में जप, ध्यान, कीर्तन करना चाहिए।
इस रात को 15 मिनट चन्द्रमा को एकटक निहारना। एक मिनट आँखों की पलके झपकाना। कम-से-कम 15 मिनट चन्द्रमा की किरणों का लाभ लेना चाहिए। इससे 32 प्रकार की पित्तसंबंधी बीमारियों में लाभ मिलता है। एवं मन को भी शांति मिलती है। फिर छत पर या मैदान में विद्युत का कुचालक आसन बिछाकर लेटेकर भी चंद्रमा को देख सकते हैं।
जिनको नेत्रज्योति बढ़ानी हो वे शरद पूनम की रात को सुई में धागा पिरोने की कोशिश करें। इस रात्रि में ध्यान-भजन, सत्संग कीर्तन आदि शारीरिक व मानसिक आरोग्यता के लिए अत्यन्त लाभदायक है।
शरद पूर्णिमा की शीतल रात्रि में (9 से 12 बजे के बीच) छत पर चन्द्रमा की किरणों में महीन कपड़े से ढँककर रखी दूध-पोहे अथवा दूध-चावल खीर अवश्य खानी चाहिए।

