महँगाई और करों पर भी होगा बड़ा असर, बीमारियों से मिल सकती है निज़ात
अपनी नीच राशि मकर से कुंभ राशि में देव गुरु बृहस्पति का प्रवेश राजनैतिक हलचल को बढ़ावा देगा। राशि बदलने की वजह से सत्ताधारी सरकारों को दिक्कतों का सामना भी करना पड़ सकता है। आगामी चुनावों में भी इस ग्रह चाल का बड़ा प्रभाव देखने को मिलेगा। यह भी माना जा रहा है कि बृहस्पति का कुंभ राशि में प्रवेश महंगाई और कर के बोझ से लोगों को मुक्ति दिलाएगा। पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर-जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य अनीस व्यास बताते हैं कि 20 नवंबर 2021 को देव गुरु बृहस्पति ने अपनी राशि बदली है। 13 अप्रैल 2022 तक यह इसी राशि में गोचर करेंगे। इस बीच देश-दुनिया में काफी कुछ देखने को मिल सकता है।
मिलेगा दाम्पत्य सुख, लाभप्रद रहेगा गोचर
ज्योतिषाचार्य अनीस व्यास बताते हैं कि देव गुरु बृहस्पति ने लगभग 12 साल बाद कुंभ राशि में प्रवेश किया है। कुंभ राशि के स्वामी शनि और देव गुरु बृहस्पति के बीच शत्रुता नहीं है। समभाव होने की वजह से यह गोचर लोगों के लिए शुभ और लाभदाई साबित होगा। ज्योतिषाचार्य अनीस व्यास बताते हैं कि इस ग्रह परिवर्तन की वजह से कई लोगों को दांपत्य सुख का भी लाभ मिलेगा। इसके साथ ही कई क्षेत्रों में इसके शुभ परिणाम दिखाई देंगे। एजुकेशन सेक्टर, बैंक ऑटोमोबाइल्स, ज्वेलरी, एग्रीकल्चर, इंपोर्ट-एक्सपोर्ट, एनिमल हसबेंडरी, डिटेक्टिव एजेंसी, टेक्सटाइल जैसे सेक्टर्स में काम कर रहे लोगों को इस गोचर का काफी फायदा मिल सकता है।
बीमारियों से मिलेगी निजात
ज्योतिषाचार्य अनीस व्यास ने बताया कि गुरु ग्रह ने 20 नवंबर 2021 को रात 11:17 मिनट पर कुंभ राशि में प्रवेश किया है। इस राशि में यह 13 अप्रैल 2022 तक रहेंगे। उन्होंने ये भी बताया कि देव गुरु बृहस्पति का यह परिवर्तन सर्वार्थ सिद्धि योग में हुआ है। जिससे इसका शुभ फल बढ़ जाएगा। इस परिवर्तन की वजह से ब्लड प्रेशर , शुगर, थायराइड, मोटापा, यूरिन आदि की समस्याओं से पीड़ित लोगों को राहत मिलेगी। वह बताते हैं कि जिन लोगों की कुंडली में देव गुरु बृहस्पति उच्च अवस्था में होते हैं उन्हें यह हमेशा शुभ फल प्रदान करते हैं।
करें गुरु ग्रह के उपाय
ज्योतिषाचार्य अनीस व्यास बताते हैं कि देव गुरु बृहस्पति की कृपा मनुष्य के जीवन में बेहद जरूरी है। उन को प्रसन्न करने के लिए मनुष्य को रोजाना स्नान करके शुद्ध वस्त्र पहनकर ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र की माला का जाप अवश्य करना चाहिए। इसके साथ ही भगवान श्री विष्णु को पीले रंग के फल का भोग लगाकर प्रसाद बांटना चाहिए। बृहस्पतिवार के दिन बेसन के लड्डू, पीले वस्त्र ,पीली दाल, हल्दी आदि पीली वस्तु किसी ब्राह्मण को अवश्य दान करनी चाहिए। इसके साथ ही इस दिन केले के वृक्ष पर जल भी चढ़ाना चाहिए। शिवलिंग पर चने की दाल और पीले फूल चढ़ाने से भी देव गुरु बृहस्पति प्रसन्न होते हैं। रोजाना हल्दी और चंदन का तिलक लगाने से भी देव गुरु बृहस्पति की कृपा प्राप्त होती है। गौशाला में हरी घास का दान भी किया जा सकता है।

