ज्येष्ठ माह भगवान हनुमान और शनिदेव दोनों बहुत ही प्रिय माना जाता है, वहीं इस महीने में इनकी पूजा करने से कई तरह के लाभ मिलते हैं। दूसरी तरफ अगर आप कष्ठ से जूझ रहें हैं, तो आप इस महीने में भगवान हनुमान और शनिदेव की पूजा करके इन कष्ठों से छुटकारा पा सकते हैं। बता दें कि इस महीने में पड़ने वाले चारों मंगलवार का अपना महत्व है, जहाँ इन दिनों को बड़ा मंगल, बुढ़वा मंगल कहते हैं। वहीं ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या के दिन शनिदेव का जन्म हुआ था, जोकि इस बार 30 मई को है।
ऐसे करें प्रसन्न-
शनि देव की आराधना करने के लिये शनि जयंती सबसे बढ़िया दिन है, जहाँ शनि की साढ़ेसाती और ढैया वालों के लिये यह दिन बेहतर माना जाता है। वहीं इन जातकों को इस दिन काला तिल, तेल आदि के उपाय करने चाहिये, साथ ही इस महीने में अधिक से अधिक जलदान करने की कोशिश करनी चाहिये।
इसके साथ ही भगवान हनुमान को प्रसन्न के लिये उन्हें मंगलवार के दिन सिंदूर का लेप, चोला आदि चढ़ाना चाहिये। इसके साथ ही जल से भरा घड़ा, पंखा आदि भी दान करना विशेष महत्व रखता है।

