आज मई माह का पहला और वैशाख माह का दूसरा प्रदोष है, साथ ही आज के दिन शाम से त्रयोदशी तिथि शुरू हो रही है, लेकिन प्रदोष पूजा का शुभ मुहूर्त आज ही है। बता दें कि हर माह की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत होता है, जहाँ आज के दिन भगवान शंकर की पूजा की जाती है। वहीं शुक्र प्रदोष के बारें में बात करें तो यह व्रत सुख, समृद्धि प्रदान करने वाला होता है, वहीं इस व्रत को करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं।
ये है पूजा विधि, ऐसे करें पूजा-
आज सुबह सर्वप्रथम स्नान करके पूजा स्थल की सफाई कर लें, इसके बाद गंगाजल छिड़क करके उसे पवित्र कर लें। इसके बाद आज के प्रदोष व्रत और पूजा करने का संकल्प करें, ठीक इसके बाद दैनिक पूजा-अर्चना करें। वहीं आज का पूरा दिन फलाहार में व्यतीत करें, साथ ही दोपहर में न सोयें।
वहीं शाम के समय भगवान शिव की पूजा विधि-विधान से करें, जहाँ भगवान शिव को चंदन, अक्षत, शहद, धूप आदि अर्पित करें। इसके साथ ही इस पूजा के दौरान ॐ नमः शिवायः का जाप करते रहें, हो सके तो रात्रि में पारण का पालन करें।
शुक्रवार, ⓵⓷ मई ⓶⓪⓶⓶
पूर्णिमांत माह : बैशाख
अमावस्यांत माह : बैशाख
पक्ष : शुक्ल पक्ष
तिथि : द्वादशी (१७:२६:२९)
नक्षत्र : हस्त (१८:४७:१९)
योग : वज्र
विक्रम सम्वत : २०७९ राक्षस
शक सम्वत : १९४४ शुभकृत
युगाब्द : ५१२४
आयन : उत्तरायण
ऋतु : ग्रीष्म
सूर्योदय : ०५:२९
सूर्यास्त : १९:०२
अभिजीत मुहूर्त : ११:४९ से १२:४३
राहुकाल : १०:३४ से १२:१६
