नई दिल्ली। भारत में जारी फेडेरेशन कप नेशनल सीनियर एथलेटिक्स में गुरुवार को भारतीय एथलिटिक्स के लिये एतिहासिक दिन रहा। जहां पर 100मी रेस के फाइनल मैच में पहले दुती चंद को हराने वाली तमिलनाडु की एस धनलक्ष्मी ने 200 मी सेमीफाइनल में एक और स्टार धाविका हिमा दास को हराने का काम किया। इतना ही नहीं धनलक्ष्मी ने अपनी इस जीत के साथ अपना नाम भारत के एथलीट इतिहास के सबसे तेज 10 धावकों में दर्ज करा लिया।
हिमा दास के खिलाफ सेमीफाइनल रेस में धनलक्ष्मी ने 23.26 के रिकॉर्ड टाइम में जीत हासिल की जबकि तमिलनाडु की ही अर्चना सुसींदरन ने 24.07 के साथ अपना सेमीफाइनल मैच जीता और अब इन्ही धावकों के बीच फाइनल रेस देखने को मिलेगी। ऐसा माना जा रहा था कि हिमा दास (24.39) और अर्चना सुसींदरन (23.18) दोनों ही गति के मामले में धनलक्ष्मी को पीछे छोड़ देंगी, हालांकि धनलक्ष्मी ने कुछ ऐसी उड़ान भरी की उन्होंने 23 साल से खड़े दिग्गज धाविका पीटी उषा के मीट रिकॉर्ड को तोड़ दिया है।
पीटी उषा ने 1998 में चेन्नई के मैदान पर 23.30 सेकेंडस का रिकॉर्ड बनाया था। 2 साल पहले फेडरेशन कप में धनलक्ष्मी ने 24.05 सेकेंडस के साथ तीसरा स्थान हासिल किया था, जिसके बाद सिवाक्षी में खेले गये तमिलनाडु स्टेट चैम्पियनशिप में उन्होंने 23.47 रिकॉर्ड समय में जीत दर्ज की थी।
गौरतलब है कि यह दूसरी बार है जब धनलक्ष्मी ने अपनी रेस को 23.50 सेकेंडस के अंदर खत्म करने का काम किया है। इससे पहले धनलक्ष्मी ने 100 मीटर रेस में दुती चंद को भी हराने का काम किया था। वहीं अगर ओलंपिक के लिये क्वालिफाई करना है तो दोनों को 22.80 सेकेंडस में रेस खत्म करना होगा।

