प्रयागराज में चल रहे महाकुम्भ से सबसे ज़्यादा मुनाफा कमाने की स्थिति में एयरलाइन कंपनियां हैं जिनके किराये दिन दूने रात चौगुने रफ़्तार से बढ़ रहे हैं, महाकुम्भ की आध्यात्मिक तौर पर हर महत्वपूर्ण तिथि के लिए हवाई किराये अपनी हवाई उड़ान से भी ऊंचा उड़ने लगता है, यही वजह कि विमानन नियामक डीजीसीए ने एयरलाइनों से महाकुंभ के मद्देनजर प्रयागराज के लिए उड़ानों के किराए को तर्कसंगत बनाने को कहा है। इस मार्ग पर हवाई टिकटों की कीमतों में वृद्धि की चिंता के बीच स्पाइसजेट सहित एयरलाइनें प्रयागराज के लिए अधिक उड़ानें संचालित कर रही हैं। हवाई यात्रा की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए नागरिक विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने जनवरी में 81 अतिरिक्त उड़ानों को मंजूरी दी है, जिससे प्रयागराज के लिए हवाई संपर्क बढ़कर देश भर से 132 उड़ानों तक हो गया है।
नियामक ने कहा कि मांग में संभावित उछाल को देखते हुए एयरलाइनों से उड़ानों को जोड़कर और क्षमता बढ़ाने तथा किराए को तर्कसंगत बनाने का आग्रह किया गया है। इस संबंध में डीजीसीए अधिकारियों ने 23 जनवरी को एयरलाइन प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
ट्रैवल पोर्टल इक्सिगो द्वारा इस महीने की शुरुआत में किए गए विश्लेषण से पता चला है कि दिल्ली-प्रयागराज उड़ानों के लिए हवाई टिकट की कीमतें 21 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं। 13 जनवरी से शुरू हुआ महाकुंभ 26 फरवरी को संपन्न होगा।

