देहरादून। श्रद्धालुओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए नैनीताल हाईकोर्ट ने 16 सितंबर को दिए गए आदेश में चारधाम यात्रा शुरू करने का फैसला सुनाया था। जिसके अनुपालन में उत्तराखंड सरकार ने 18 सितंबर से चारधाम यात्रा शुरू करने का निर्णय लिया था। चारधाम यात्रा शुरू होने के साथ ही श्रद्धालुओं की भीड़ देव दर्शन के लिए उमड़ने लगी है। देवस्थानम बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार 2 दिन के भीतर ढाई हजार से लोग से अधिक लोग चारधाम में दर्शन करने का पुण्य कमा चुके हैं।
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गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण के कारण चारधाम यात्रा पर रोक लगी हुई थी। लेकिन कोरोना संक्रमण के कम होने के साथ ही चारधाम यात्रा शुरू करने की मांग जोर पकड़ने लगी थी। हुई चारधाम यात्रा में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं में बेहद उत्साह है। यही कारण है कि देवस्थानम बोर्ड की वेबसाइट पर 42 हजार से अधिक ई-पास जारी किए जा चुके हैं। शनिवार को जहां 1273 श्रद्धालुओं ने बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन किए, वहीं रविवार को 12 67 श्रद्धालुओं ने देव दर्शन किए। गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब में भी श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया है और रविवार को 72 श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारे में माथा टेका।
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नियमों का पालन करना भी है अनिवार्य
चारधाम यात्रा में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं को देहरादून स्मार्ट सिटी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। ई पास के लिए देवस्थानम बोर्ड की वेबसाइट ूूूण्कमअंेजींदंउण्नाण्हवअण्पद या इंकतपदंी.ज्ञमकंतदंजीण्नाण्हवअण्पद पर कोविड-19 रिपोर्ट या कोरोना वैक्सीन की दोनो डोज लगने का सर्टिफिकेट जमा कराना अनिवार्य है। उत्तराखंड के लोगों को राहत दी गई है और उन्हें स्मार्ट सिटी पोर्टल में पंजीकरण नहीं कराना होगा। फिलहाल केदारनाथ धाम में 800, बद्रीनाथ धाम में 1000, गंगोत्री में 600 और यमुनोत्री धाम में 400 श्रद्धालुओं को ही दर्शन के लिए जाने की अनुमति दी गई है। आने वाले समय में यह संख्या बढ़ाई जा सकती है।

