पिछले ढाई बरसों से महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री को जिस घडी का इंतज़ार था आखिरकार एकनाथ शिंदे की मदद से वो घड़ी आ ही गयी. आज दोपहर तीन बजे फडणवीस एकनाथ शिंदे के साथ राज्यपाल भगत सिंह कोशियारी से मिलने जायँगे और सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। खबर है कि कल देवेंद्र फडणवीस एकबार फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे, उनके साथ एकनाथ शिंदे डिप्टी सीएम और 12 बागियों को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी.
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बता दें कि कल सुप्रीम कोर्ट से फ्लोर टेस्ट पर राहत न मिलने के बाद उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. इस तरह ढाई साल पहले एनसीपी और कांग्रेस के साथ बनी MVA सरकार का अंत हो गया है और अब 31 महीने के बाद फिर से महाराष्ट्र की सत्ता में बीजेपी वापसी करने जा रही है.
सत्ता में इस वापसी के लिए देवेंद्र फडणवीस पिछले ढाई साल से लगातार कोशिश कर रहे थे और आखिरकार इसमें वो कामयाब हो ही गए. फडणवीस ने इसके लिए शिवसेना को ही मोहरा बनाया और शिवसेना के कद्दावर नेता एकनाथ शिंदे की मदद से ऑपरेशन कमल को अंजाम दिया। कहने को तो भाजपा ने यह पूरा ऑपरेशन परदे के पीछे रहकर चलाया लेकिन राजनीति की थोड़ी भी जानकारी रखने वाला बहुत अच्छी तरह जनता था कि इसके पीछे भाजपा का हाथ है. कहीं कुछ भी छुपा नहीं था, खुला खेल चल चल रहा था, बस अपना हाथ होने से इंकार किया जा रहा था.
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बताते हैं यह खेल अभी और लम्बा चल सकता था लेकिन उद्धव ठाकरे इसके लिए तैयार नहीं थे और इसीलिए उन्होंने कल अपने पॉडकास्ट में शिवसैनिकों से किसी भी तरह की हिंसा या उत्तेजना न फैलाने की अपील की थी. उद्धव ने कहा था कि शिवसेना के साथ धोखेबाज़ी करने वालों को खुश हो लेने दीजिये, हमें अब पार्टी को मज़बूत करना है, हालाँकि कांग्रेस ने उद्धव को ऑफर दिया था कि अगर बागियों को कांग्रेस से परहेज़ है तो तो वो सरकार से हटने को तैयार हैं और बाहर से समर्थन देते रहेंगे लेकिन उद्धव को अब सरकार से ज़्यादा पार्टी की फ़िक्र हो गयी है.

