केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी एक न्यूज़ चैनल के कार्यक्रम में सवालों के जवाब में गुजरात में मिली ऐतिहासिक जीत का सेहरा प्रधानमंत्री मोदी को दिया वहीँ हिमाचल में हार का ठीकरा नियति पर फोड़ दिया, गडकरी ने कहा कि नसीब ने वहां हमारा साथ नहीं दिया। गडकरी के इस अजीब तर्क को लोग अब कटाक्ष के रूप में भी देख रहे हैं.
जनता ही माई बाप
दरअसल गडकरी से कई सवाल पूछे गए जिसमें एक सवाल में उनसे गुजरात की सफलता का सेहरा किसे देने का किया गया तो उन्होंने बिना भूमिका बांधे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को. वहीँ जब इसपर काउंटर सवाल किया गया कि फिर आप हिमाचल प्रदेश में हार का ज़िम्मेदार किसे ठहराएंगे तो उन्होंने एकबार फिर तपाक से कहा कि नसीब को. गडकरी ने कहा कि हिमाचल में भाजपा और कांग्रेस के मतों का बहुत मामूली अंतर रहा है, अगर एक प्रतिशत मत भाजपा को अधिक मिल जाता तो हमारा नसीब बदल जाता। गडकरी ने कहा कि यह याद रखना चाहिए कि पार्टियां बड़े दम से लड़ती हैं लेकिन चुनाव में माई बाप तो जनता ही होती है.
मानी असंतोष की बात
गुजरात में जीत की वजह बताते हुए गडकरी ने कहा कि राष्ट्रवाद बीजेपी का मूलभूत तत्व है, जो सबसे अहम है, राष्ट्रवाद हमारे विचारों की आत्मा है. गडकरी ने कहा कि मुख्यमंत्री रहते नरेंद्र मोदी ने गुजरात के विकास को एक नई गति दी थी जो प्रधानमंत्री बनने के बाद भी कायम रही और इसी वजह से ही लगातार 27 सालों से मोदी में जनता का विश्वास कायम है. हिमाचल की हार पर गडकरी ने कहा कि अक्सर लोगों के मन में सरकार के खिलाफ असंतोष पाया जाता है और उनमें बदलाव की इच्छा जागृत होती है. हिमाचल में ऐसा ही हुआ, बस नसीब ने हमारा साथ नहीं दिया, वर्ना लड़ाई तो कांटे की थी.

