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हाथ जोड़कर और रो—रोकर फंसे बच्चों को यूक्रेन से बुलाने की कर रहे मांग


हाथ जोड़कर और रो—रोकर फंसे बच्चों को यूक्रेन से बुलाने की कर रहे मांग

मेरठ/मुजफ्फरनगर/शामली/बिजनौर। पश्चिमी यूपी के अभी मेडिकल के सैकडों छात्र यूक्रेन (Medical students in Ukraine) में फंसे हुए हैं। वे वहां से निकलने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन कहीं से कोई मदद नहीं मिल पा रही है। अपने बच्चों की सलामती के लिए जहां परिजन दुआएं कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर धरने प्रदर्शन कर अब हाथ जोड़कर और रो—रोकर सरकार से कलेजे के टुकड़े को वापस भारत लाने की मांग भी कर रहे हैं। जिनके बच्चे इस समय यूक्रेन (Ukraine) में फंसे हुए हैं। उनको सलामत वापसी के ​लिए मेरठ (Meerut),शामली (Shamli),बिजनौर(Bijnor) और मुजफ्फरनगर (Muzzafarnagar) आदि जिलों में परिजन प्रदर्शन कर रहे हैं। सैकड़ों महिला पुरुषों के साथ धरना प्रदर्शन कर रहे लोग हाथ जोड़कर और रो कर भारत सरकार (Indian Government) से यूक्रेन में फंसे छात्रों को वापस लाने की गुहार लगा रहे हैं। बता दें कि इस समय रुस और यूक्रेन के बीच युद्ध छिड़ा है। यूक्रेन में भारत से बड़ी संख्या में बच्चे एमबीबीएस (MBBS) की पढाई करने के लिए जाते हैं। पूरे देश से हजारों की संख्या में छात्र यूक्रेन में इस समय फंसे हुए हैं। दोनों देशों के बीच युद्ध शुरू होने से हवाई यात्रा रद्द कर दी गई है। हजारों छात्र यूक्रेन के बॉर्डर पर फंस गए हैं। जिन को वापस लाने के लिए जगह—जगह शहरों में प्रदर्शन हो रहे हैं। महिला-पुरुष धरने पर बैठे हुए हैं।

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धरने पर बैठे लोगों का कहना है कि भारत के हजारों छात्र यूक्रेन में फंसे हुए हैं। जो खुले आसमान के नीचे 5 से 10 सेल्सियस डिग्री के बीच सड़कों पर रात और दिन काटने के लिए मजबूर हैं। यूक्रेन में फंसे छात्र जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। छात्रों के परिजनों को उनकी चिंता सता रही है। धरना प्रदर्शन में मौजूद भावना जैन ने बताया कि करीब 18 हजार छात्र यूक्रेन की सीमा पर भूख प्यास से तड़प रहे हैं।

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