नई दिल्ली। नई दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि उपराज्यपाल के इस्तीफे का कारण अभी तक सामने नहीं आया है। आज जब उन्होंने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति को भेजा तब मीडिया को भी इसकी जानकारी लगी। अनिल बैजल से पहले दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग थे। उपराज्यपाल अनिल बैजल का हाल दिनों में दिल्ली की आप सरकार के साथ विवाद के कई मामले सामने आए थे। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सरकार ने इन पर काम नहीं करने देने और केंद्र सरकार का एजेंट होने का आरोप लगाया था।
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दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा आज भेज दिया। जानकारी के अनुसार उन्होंने निजी कारणों का हवाला देते हुए अपना इस्तीफा भेजा। नजीब जंग के बाद वह अनिल बैजल दिल्ली के उपराज्यपाल बनाए गए थे। अनिल बैजल वर्ष 1969 बैच के पूर्व आइएएस हैं। दिसंबर 2016 में उन्हें दिल्ली का उपराज्यपाल नियुक्ति किया था। आगामी 31 दिसंबर को अनिल बैजल का पांच साल का कार्यकाल पूरा हो चुका था।
नई दिल्ली की बात करें तो यहां के प्रशासनिक फैसलों में अहम भूमिका उपराज्यपाल की रहती है। 2015 से दिल्ली की आप सरकार और केंद्र के बीच परस्पर विरोधी विचारधारा के चलते प्रशासनिक मामलों में कई बार टकराव हुआ। पहले उपराज्यपाल नजीब जंग और दिल्ली सरकार के बीच 36 का आंकड़ा रहा था। उसके बाद शुरुआती सालों में अनिल बैजल का दिल्ली की आप सरकार के साथ टकराव रहा। अनिल बैजल ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय और ईस्ट एंगिला यूनिवर्सिटी से अपनी पढ़ाई की। दिल्ली के उप राज्यपाल का पद इस लिहाज से काफी अहम हो गया कि दिल्ली के उच्च न्यायालय ने यह साफ कर दिया कि दिल्ली सरकार के प्रशासनिक प्रमुख की कमान उप राज्यपाल के हाथ में ही रहेगी।
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