ऑस्ट्रेलिया के पूर्व विश्व कप विजेता कप्तान रिकी पोंटिंग का दिल्ली कैपिटल्स के साथ सात साल का जुड़ाव उस वक्त समाप्त हो गया जब आईपीएल फ्रैंचाइज़ी ने फैसला किया कि आईपीएल 2025 में मेगा नीलामी में वो नए कोच और सोच के साथ भाग लेगी। पोंटिंग की कोचिंग में डीसी हाल के कुछ वर्षों में वांछित परिणाम हासिल करने में विफल रही। पोंटिंग ने 2018 में डीसी के हेड कोच के रूप में पदभार संभाला था, उस वक्त टीम को दिल्ली डेयरडेविल्स कहा जाता था.
रिकी पोंटिंग के बतौर कोच पहले सीज़न में टीम लीग में अंतिम स्थान पर रही लेकिन 2019, 2020 और 2021 में दिल्ली की टीम ने प्लेऑफ़ के लिए क्वालीफाई किया। 2020 में तो उसने पहली बार आईपीएल के फाइनल में जगह बनाई मगर मुंबई इंडियंस के हाथों उसे हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद दिल्ली की टीम का प्रदर्शन गिरता चला गया और पिछले तीन वर्षों में प्लेऑफ़ के लिए क्वालीफाई नहीं कर पायी, आईपीएल 2024 में उसको छठे स्थान पर संतोष करना पड़ा, 2024 के सीज़न में बतौर कप्तान और खिलाड़ी टीम में वापस लौटे ऋषभ पंत के नेतृत्व में टीम ने सात मैचों में जीत हासिल की और सात में उसे हार का सामना करना पड़ा.
दिल्ली कैपिटल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट पर रिकी पोंटिंग के बारे में लिए गए फाइल्स के बारे में जानकारी दी और रिकी पोंटिंग को उनकी सेवाओं के लिए धन्यवाद कहा. हालाँकि दिल्ली कैपिटल्स के बाकी कोचिंग स्टाफ में कोई छेड़छाड़ नहीं की गयी है, क्रिकेट निदेशक सौरव गांगुली, सहायक कोच प्रवीण आमरे, गेंदबाजी कोच जेम्स होप्स और फील्डिंग कोच बीजू जॉर्ज कोचिंग स्टाफ में बदस्तूर शामिल हैं।

