नई दिल्ली। Delhi Air Pollution – एनसीआर में एक अक्टूबर से वायु प्रदूषण रोकने को ग्रैप सिस्टम लागू कर दिया है। ग्रैप लागू होने के बाद भी वायु प्रदूषण के हालात नहीं सुधर रहे हैं। इस समय मेरठ सहित एनसीआर के जिलों का एक्यूआई यानी वायु सूचकांक 100 से अधिक बना हुआ है। यह हालात ग्रैप लागू होने के बाद है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में हालात और अधिक भयावह होंगे। आमतौर पर अन्य सालों में ग्रैप सिस्टम 15 अक्टूबर के बाद लागू किया जाता था। लेकिन इस बार इसको 15 दिन पहले इसलिए ही लागू किया गया कि वायु प्रदूषण पर पहले से नियंत्रण किया जा सके।
लेकिन ग्रैप के लागू होने के चार दिन बाद भी हालात नहीं सुधर रहे हैं। अब एनसीआर में पुराने वाहनों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। इसके लिए परिवहन विभाग की टीमें तैयार की गई हैं। जो कि हाइवे और शहर के भीतर वाहनों के प्रदूषण प्रमाण पत्र (पीयूसीसी) को चेक करेंगी। बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र चलने वाले वाहनों और मियाद पूरी कर चुके वाहनों पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। अगर 10 साल पुराने डीजल, 15 साल पुराने हो चुके पेट्रोल वाहन को सड़कों पर चलते पाया गया तो उन्हें जब्त कर स्क्रैप करने का काम किया जाएगा।
बिना प्रदूषण जांच और दस्तावेज के सरकारी वाहनों का स्टीकर लगाकर चलने वाले वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी। टीमें ऐसे स्टीकर वाले वाहनों को रोककर उनके दस्तावेज की जांच करेंगी। पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने एवं खुले में कचरा चलाने से संबंधित सेटलाइट डेटा का विश्लेषण किया जाएगा। इससे सही समय पर प्रदूषण को कम रखने की योजना लागू हो सकेगी। प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए कई एजेंसियां काम कर रही हैं। इनके बीच तालमेल रखा जाएगा। इसी के साथ संबंधित 30 विभाग भी मिलकर काम कर रहे हैं। निर्माण स्थलों समेत सड़कों पर धूल उड़ने से रोकने के इंतजाम भी किए हैं। अगर कहीं पर धूल प्रदूषण से संबंधित नियमों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित एजेंसी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
