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रन आउट पर विधवा विलाप क्यों,बॉडी लाइन सीरीज़ भूल गए क्या?

हमारा कुत्ता तुम्हें कुत्ता लगता है और अपना कुत्ता तुम्हें टॉमी नज़र आता, आप सोच रहे होंगे कि यह किस बात की हम चर्चा कर रहे हैं. तो भाई साहब ये बात हमने महिला क्रिकेट में एक घटना पर कही. घटना भी क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स मैदान की है जहाँ पर नियमों के तहत भारतीय महिला क्रिकेट टीम की गेंदबाज़ दीप्ति शर्मा ने इंग्लैंड की नॉन स्ट्राइकर बल्लेबाज़ को रन आउट कर दिया। जी हाँ उस तरह का रन आउट जिसे पहले मांकडिंग कहा जाता था और जो अब नियमों के तहत रन आउट कहा जाता है.

भारत ने यह नज़दीकी मैच जीत लिया, मैदान पर आउट होने वाली बल्लेबाज़ चार्ली डीन की आँखों में आंसू थे. चार्ली ने अपने जज़्बातों पर फ़ौरन काबू किया और भारतीय खिलाडियों से हाथ मिला कर उन्हें जीत की बधाई दी. यहाँ तक तो सबकुछ सही था लेकिन हंगामा तो मैच के बाद शुरू हुआ. शुरू हुआ नैतिकता का पाठ सिखाने का दौर, जिसमें इंग्लैंड के पूर्व खिलाड़ी, कमेंटेटर, बार्मी आर्मी सब शामिल थे. ऐसा लग रहा था कि दीप्ति शर्मा ने रन आउट न करके कोई घिनावना अपराध कर दिया हो.

दिलचस्प बात तो यह थी टीम इंडिया पर वह अँगरेज़ इलज़ाम लगा रहे थे जिन्होंने खुद खुले आम नैतिकता को तोड़ा था. 2019 का विश्व कप आपको याद होगा जहाँ फाइनल में अँगरेज़ खिलाडियों ने न्यूज़ीलैण्ड के साथ क्या किया था. गप्टिल के थ्रो पर स्ट्रोक का बल्ला अड़ाना और गेंद का बॉउंड्री के बाहर जाना, मैच का टाई होना, सुपर ओवर का टाई होना और इंग्लिश टीम का सिर्फ इस बात पर विजेता बनना कि उसने बॉउंड्री ज़्यादा लगाईं। उस वक्त तो सबकुछ नियमों के मुताबिक हुआ, क्रिकेट जगत ने न्यूज़ीलैण्ड को असली चैम्पियन कहा तो अंग्रेज़ भड़क उठे और नियमों की दुहाई देने लगे. आज जब दीप्ति शर्मा ने नियमों के दायरे में रहकर रन आउट किया तो विधवा विलाप हो रहा. तुम करो तो सब ठीक मैं करूँ तो कैरेक्टर ढीला.

दरअसल क्रिकेट के नियम बनाने वाले अंग्रेज़ों (अंग्रेज़ों का मतलब यहाँ इंग्लैंड से है) का नियमों को तोड़ना या कह सकते हैं कि भद्रजनों के इस खेल में अभद्रता करने का पुराना इतिहास है. बॉडी लाइन अटैक की शुरुआत किसने की थी, इन्हीं अंग्रेज़ों ने, और वो भी इसलिए कि कभी उनका मातहत रहे ऑस्ट्रेलिया का एक बल्लेबाज़ ब्रैडमैन उनके लिए काल बना हुआ था।

समझ में नहीं आ रहा था कि कैसे उसपर काबू पाएं, तब इंग्लैंड के कप्तान डगलस जार्डिन ने ब्रैडमैन के शरीर को निशाना बनाने का प्लान बनाया और अपनी इस घिनावनी योजना में टीम के तेज़ गेंदबाज़ हेरॉल्ड लारवुड और जॉर्ज एलेन को शामिल किया और उन्हें निर्देश दिया कि वो ऑस्ट्रलिया के बल्लेबाज़ों विशेषकर ब्रैडमैन के शरीर को निशाना बनाकर तेज़ गेंदबाज़ी करें, बता दें कि उस समय चेस्ट गॉर्ड तो दूर की बात हेलमेट भी नहीं होता था. बाद में इस खूनी श्रंखला का नाम बॉडी लाइन सीरीज़ पड़ा जिसपर फिल्म भी बनी. यह श्रंखला क्रिकेट के इतिहास में एक काले धब्बे के रूप में जानी जाती है. इसलिए हैरानी तब होती है जब ऐसे लोग नैतिकता का पाठ पढ़ाने की कोशिश करते हैं, अरे पहले अपने गिरेहबान में झांककर देखिये फिर बात कीजिये। वो कहावत है न कि सूप बोले तो बोले छलनी क्या बोले जिसमें बहत्तर छेद.

टीम की कप्तान हरमन प्रीत ने मैच के बाद हुई प्रेस कान्फेरेन्स में सही कहा कि यह तो नियमों के प्रति दीप्ति की जागरूकता थी, उसे तो बधाई मिलनी चाहिए कि उसे नियमों की बारीकी से जानकारी थी और उसने उनके ही अधीन चार्ली डीन को रन आउट किया, इसमें गलत क्या हुआ. क्या कोई नियम तोडा गया? और ऐसा भी नहीं चार्ली को अचानक ही रन आउट कर दिया गया हो । वो बार बार क्रीज़ छोड़ रही थी, उसको कई बार चेतावनी भी दी गयी थी लेकिन जब अगला नहीं मान रहा है तो दीप्ति ने जो सही था वही किया। अंग्रेज़ों को हम बताना चाहते हैं कि भले क्रिकेट के खेल को लेकर तुम भारत आये लेकिन भारत अब बच्चा नहीं बाप बन चूका है, हर गलत बात का यहाँ अब मुंहतोड़ जवाब मिलता है इसलिए अंग्रेज़ों विधवा विलाप बंद करो और खेल पर ध्यान दो.

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