नई दिल्ली। ब्रिटिश महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन पर आज देश भर में राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है। महारानी के सम्मान में लाल किले से लेकर राष्ट्रपति भवन तक तिरंगे को आधा झुकाया गया। गृह मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक, देशभर में सरकारी इमारतों, जहां नियमित तौर पर तिरंगा फहराया जाता है, ऐसी सभी जगहों पर रविवार को दिनभर तिरंगा आधा झुका रहेगा। महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का राजकीय अंतिम संस्कार लंदन वेस्टमिंस्टर एबे में 19 सितंबर को 11 बजे होगा। स्कॉटलैंड स्थित बालमोरल किले से महारानी के पार्थिव शरीर को आज रविवार को एडिनबर्ग के पैलेस ऑफ होलीरूड हाउस ले जाया जाएगा।
महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के बेटे और उनके उत्तराधिकारी राजा चार्ल्स तृतीय नए सम्राट बन गए। सुबह लंदन में बकिंघम पैलेस के पास सेंट जेम्स महल में आधिकारिक समारोह में उन्होंने तमाम शाही प्रक्रिया और औपचारिकतां पूरी कर राजगद्दी संभाली। राज्यारोहण परिषद (एक्सेशन काउंसिल) के शाही रिवाजों के साथ कार्यक्रम में न सिर्फ राजघराने की परंपरा और आधुनिकता का बेजोड़ संगम दिखा बल्कि टीवी पर सीधे प्रसारण के साथ पहली बार ब्रिटिश जनता भी इस भव्य अवसर का गवाह बनी है। 300 साल में पहली बार नए महाराजा का एलान सार्वजनिक रूप से हुआ है। इससे पहले तक यह प्रक्रिया बंद कमरों में होती थी और बाद में लंदन गजट में प्रकाशन के साथ खुलासा होता था।
प्रधानमंत्री, छह पूर्व प्रधानमंत्रियों, वरिष्ठ मंत्रियों और कुछ सांसदों सहित बड़े राजनेताओं, चर्च ऑफ इंग्लैंड के नेता और शाही परिवार के वरिष्ठ सदस्यों से मिलकर बनी परिषद के सामने आधिकारिक तौर पर राजघराने की कमान लेने के बाद चार्ल्स को धूमधाम से तोपों की सलामी दी गई। फिर महल की बालकनी से सार्वजनिक बयान जारी कर उनके महाराजा बनने का एलान हुआ।

