अंडमान सागर में उठा चक्रवात दाना बंगाल की खाड़ी तक पहुंच गया है। आज तूफान के कारण ओडिशा, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक में मौसम काफी खराब है। हालांकि चक्रवात अंडमान सागर से निकल चुका है, इसलिए केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक में तूफान का असर कम हो गया है, लेकिन अभी तूफान बंगाल की खाड़ी में है। सम्भावना है कि ये तूफ़ान आज ओडिशा के पुरी तट से टकरा सकता है।
तूफान के असर के कारण ओडिशा में सुबह से 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। आज ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। पिछले 4-5 दिनों से हो रही बारिश के कारण पहले से ही जनजीवन अस्त-व्यस्त है। इसलिए ओडिशा सरकार ने राज्य के लोगों और पर्यटकों के लिए एडवाइजरी जारी की है, साथ ही स्थानीय निवासियों को घरों के अंदर रहने को कहा गया है।
ओडिशा के विशेष राहत अधिकारी देव रंजन सिंह के अनुसार तूफान आज 24 अक्टूबर की मध्य रात्रि या कल 25 अक्टूबर की सुबह पुरी के तट से टकराएगा। इसलिए तटीय इलाकों को खाली करा लिया गया है। 14 जिलों के स्कूल, कॉलेज, आंगनबाड़ी कार्यालय बंद हैं। कर्मचारियों, डॉक्टरों, पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी खुद हालात पर नजर रख रहे हैं। होटलों की बुकिंग रद्द कर दी गई है। बचाव के लिए ओडिशा राज्य आपदा बल की 51 टीमें, फायर ब्रिगेड की 178 टीमें, एनडीआरएफ और ओडीआरएफ की 10 टीमें तैनात की गई हैं। खराब मौसम के कारण राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी अपना 3 दिवसीय ओडिशा दौरा स्थगित कर दिया है।
ओडिशा के साथ ही पश्चिम बंगाल में भी चक्रवात दाना का असर देखने को मिलेगा। इसलिए पश्चिम बंगाल के 9 जिलों में अगले 3-4 दिनों के लिए स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं। लोगों को घर से काम करने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों, पुलिसकर्मियों और सैनिकों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। मछुआरों और नाविकों को मौसम संबंधी अलर्ट और सुरक्षा सलाह देने के लिए हल्दिया में हेलीकॉप्टर और रिमोट ऑपरेटिंग स्टेशन तैनात किए गए हैं। तटीय इलाकों में एनडीआरएफ की 9 टीमें तैनात की गई हैं।
