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ईरान में तेजी से आगे बढ़ रही है ‘क्रिप्टो माइनिंग इंडस्ट्री’


ईरान में तेजी से आगे बढ़ रही है ‘क्रिप्टो माइनिंग इंडस्ट्री’

तेहरान: एक स्टडी में खुलासा हुआ है कि करीब 4.5 फीसदी Bitcoin की माइनिंग ईरान में होती है जिससे उसे क्रिप्टोकरेंसीज में सैकड़ों करोड डॉलर मिलते हैं. इनका इस्तेमाल आयात बिल चुकाने में किया जा सकता है और अमेरिकी प्रतिबंधों का असर कम हो सकता है. ईरान में माइनिंग को इंडस्ट्री का दर्जा मिला हुआ है.

इस समय जिस स्तर पर ईरान में माइनिंग हो रही है, उससे ब्लॉकचेन एनालिटिक्स फर्म एलिप्टिक की स्टडी के मुताबिक ईरान को सालाना 100 करोड़ डॉलर (7291 करोड़ रुपये) के करीब रेवेन्यू का बिटक्वाइन प्रोड्यूस होगा. अमेरिका ने ईरान पर लगभग पूरी तरह से आर्थिक प्रतिबंध लगाया हुआ है जिसमें ऑयल, बैंकिंग और शिपिंग सेक्टर्स भी शामिल हैं.

बिटक्वाइन से ईरान को कितनी आय होगी, इसे लेकर एकदम सटीक आंकड़ा देना मुश्किल है. एलिप्टिक ने इसके लिए कैंब्रिज सेंटर्स फॉर अल्टरनेटिव फाइनेंस द्वारा अप्रैल 2020 तक माइनर्स द्वारा संग्रहित डेटा और ईरान की सरकारी पॉवर जेनेरेशन कंपनी द्वारा जनवरी 2021 में माइनर्स द्वारा बिजली खपत की जानकारी को आधार बनाया. जनवरी 2021 में माइनर्स द्वारा 600 मेगावॉट इलेक्ट्रिसिटी की खपत की गई. बिटक्वाइन और अन्य क्रिप्टोकरेंसीज माइनिंग के जरिए बनाए जाते हैं जिसे माइनिंग कहते हैं और इस प्रक्रिया में कांप्लैक्स मैथमेटिकल प्रॉबल्म्स को सुझलाने के लिए शक्तिशाली कंप्यूटर्स की आपसी प्रतिस्पर्धा होती है. माइनिंग में बहुत एनर्जी की जरूरत होती है और यह मुख्यतः जीवाश्म ईंधन से पैदा की गई इलेक्ट्रिसिटी पर निर्भर है. ईरान में जीवाश्म ईंधन की प्रचुरता है.

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