देहरादून। देश की तीन सेनाओं में भर्ती की केंद्र सरकार की नई योजना अग्निपथ का अब उत्तराखंड में भी विरोध शुरू हो गया है। आज गुरुवार को उत्तराखंड के कई जिलों में युवाओं का सैलाब सड़कों पर उतरा और कई स्थानों पर सड़कों चक्का जाम कर दिया। युवाओं ने इस दौरान उग्र प्रदर्शन किया। अग्निपथ योजना के विरोध में सड़कों पर उतरे उग्र युवकों ने पिथौरागढ़ में हाइवे पर चक्का जाम कर दिया। युवकों द्वारा लगाए गए जाम में हजारों वाहन फंस गए। खबर लिखे जाने तक प्रदर्शन जारी था। मौके पर अधिकारी मौजूद थे और प्रदर्शन कर रहे युवकों को समझाने का प्रयास करते रहे।
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युवाओं के आक्रोश को देख पुलिस प्रशासन अधिकारी चुप खड़े रहे। अधिकारी युवाओं को शांत कर किसी तरह से जाम खुलवाने का प्रयास करते रहे। जाम लगाने के बाद युवाओं ने जुलूस की शक्ल में कलक्ट्रेट पर पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। युवकों की मांग थी कि केंद्र सरकार सेना में चार साल के लिए भर्ती की योजना अग्निपथ को वापस ले।
बता दें कि केंद्र की सेना में भर्ती योजना अग्निपथ का बुधवार को बिहार से विरोध शुरू हुआ था। जो कि उप्र से होता हुआ अब उत्तराखंड तक पहुंच गया है। आज गुरूवार को बड़ी तादात में युवाओं का हुजूम सिल्थाम तिराहे पर पहुंचा और चक्का जाम कर दिया। तिराहे पर जाम लगाने के बाद से सैकड़ों वाहन जाम में फंस गए। इस दौरान डीडीहाट, धारचूला, मुनस्यारी,थल की ओर से आ रहे वाहन भी जाम में फंसे तो वाहनों की लंबी कतारें लगती चली गई। सिल्थाम तिराहे पर युवाओं ने एक सभा की जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार की योजना अग्निपथ विरोध करते हुए कहा कि केंद्र सरकार युवाओं के हाथों से रोजगार का बड़ा अवसर छीन रही है।
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युवाओं का कहना था कि पर्वतीय क्षेत्र के युवाओं के लिए सेना रोजगार का एक बड़ा माध्यम है। इस योजना के आने से उत्तराखंड के लाखों युवकों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा। अग्निवीर योजना के लागू होने के बाद सेना में भर्ती युवाओं में से 75 प्रतिशत को चार साल बाद घर लौटना होगा। इससे बेरोजगारी बढ़ेगी। प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने केंद्र सरकार से इस योजना को तुरंत वापस लिए जाने की मांग की।

