खटीमा। नदी किनारे भैंस चराने गए बच्चे को मगरमच्छ ने जिंदा निगल लिया। बताया जाता है कि मगरमच्छ बच्चे को पानी में खींचककर ले गया और फिर उसे निगल लिया। गोताखोरों ने मगरमच्छ को जाल में बांधकर बाहर निकाला। देर तक ग्रामीण बालक को मगरमच्छ के पेट से बाहर निकालने की मांग करते रहे।
वन विभाग के आलाधिकारी, पुलिस और एसडीएम ने मगरमच्छ का मेडिकल कराने का आश्वासन दे ग्रामीणों को शांत किया। गांव मेहरबाननगर निवासी मीना देवी का 11 साल का बेटा वीर सिंह भैंस चराने नदी किनारे गया था।
अचानक भैंस नदी में घुस गई। वीर सिंह उसे बाहर निकालने के लिए नदी में कूदा। इसी बीच नदी में मगरमच्छ ने बालक वीर सिंह पर हमला कर उसे पानी में खींच लिया। बताया जा रहा है कि मगरमच्छ बालक वीर सिंह को जिंदा निगल गया।
चीख—पुकार सुनीं तो लोग उस ओर दौड़ पड़े।
जब तक ग्रामीण कुछ समझते मगरमच्छ पानी में गहराई तक चला गया। घटना की सूचना पर बच्चे की मॉ और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने गोताखोर के साथ बहादुरी दिखाते हुए रस्सी का जाल लेकर नदी में छलांग लगा दी। घंटों की मशक्कत के बाद गोताखोर मगरमच्छ को जाल में फंसा पानी से बाहर खींच लाया। ग्रामीणों की मदद से मगरमच्छ को जाल में बांधकर खटीमा ले गए। घटना के बाद से वीर सिंह की मां मीना का रो-रोकर बुरा हाल है। बालक के पिता की मौत के पहले हो चुकी है। मीना मजदूरी करके परिवार चलाती हैं। वीर सिंह का बड़ा भाई दीपांशु दो बहनें सीमा और अंजलि हैं। घटना से गांव में शोक का माहौल है।
