अमित बिश्नोई
दूसरी वेव हुई ख़तरनाक
मेरठ- जिले में कोरोना की दूसरी वेव बेकाबू हो रही है। गंभीर बात ये है कि संक्रमण के नए मिलने वाले मरीज़ों ने स्वास्थ्य विभाग के सारे समीकरण बिगाड़ दिए है। इसके मद्देनजर एक तरफ़ जहां दिनों दिन हालात बिगड़ रहे हैं वहीं वायरस का सोर्स न मिलने से लगातार नई चेन बन रही है। ऐसे में संक्रमण को रोकना विभाग के लिए टेढ़ी खीर बनता जा रहा है।
बनी सैकड़ों नई चेन, विभाग के सामने चुनौतियां
जिले में पिछले 10 दिन में कोरोना वायरस ने इस साल के सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। बीते 25 मार्च से 3 अप्रैल तक 433 नए एक्टिव केस सामने आ चुके हैं। इनमें 290 मरीज़ नए हैं यानी ये ऐसे मरीज़ हैं जो किसी अन्य मरीज़ के संपर्क में नहीं आये हैं बल्कि इनका सोर्स अभी तक भी अज्ञात है। ऐसे में साफ है कि मात्र 10 दिन में ही 200 से ज़्यादा सोर्स चेन विभाग के सामने आ खड़ी हुई हैं। सोर्स ज्ञात न होने की वजह से इन्हें तोड़ना भी आसान नहीं है। इन आंकड़ों से साफ है कि आने वाले दिनों में संक्रमण की स्थिति और विकराल होने वाली है।
फेस्टिव सीजन में बिगड़े हालात
इसे स्वास्थ्य विभाग के अनदेखी कहे या लोगों की लापरवाही लेकिन फेस्टिव सीजन के बाद शहर की स्थिति चिंताजनक हो गई है. आलम ये रहा कि हर दिन पॉजिटिव केसेज का अर्द्ध शतक पार होने लगा है। मार्च के शुरुआती हफ्ते तक सुधरे हालात होली के साथ ही पूरी तरह से बेपटरी हो गए हैं. 1 सेे 10 मार्च की बात करें तो मात्र 10 दिन में सिर्फ 30 नए एक्टिव केस सामने आए थे। जबकि 25 मार्च से 3 अप्रैल तक 433 कुल नए संक्रमित सामने आ गए हैं।
जीरो से कोरोना का यू टर्न
कोरोना वायरस संक्रमण के हर दिन मिलने वाले नए केसेस का आंकड़ा 0 पहुंच गया था। संक्रमण दर कम होने के बाद स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन के साथ ही आमजन ने भी राहत की सांस ले ली थी, लेकिन मार्च अंत तक आते- आते वायरस ने भी यू टर्न ले लिया है। चुनिंदा एक्टिव मरीज़ बचने के बाद जिले में वापिस सैकड़ों केस फैल गए हैं, सबसे ज़्यादा खतरा बाहर से आने वाले लोगों से बन रहा है।
लोग बाहर आ जा रहे हैं. एक दूसरे के संपर्क में आ रहे हैं. ऐसे में कहना मुश्किल है वायरस कहां से आया. हम स्थिति को कंट्रोल करने के लिए पूरे प्रयास कर रहे हैं.
डा. अखिलेश मोहन, सीएमओ, मेरठ.
