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कोरोना के चलते इस बार रक्षाबंधन पर मायूस रहेंगी बहने


कोरोना के चलते इस बार रक्षाबंधन पर मायूस रहेंगी बहने

जेल में बंद भाइयों की सूनी रहेगी कलाई

बुलंदशहर। कोरोना संक्रमण के चलते बुलंदशहर तथा बाहरी जनपदों की जेलों में बंद बंदियों की कलाई रक्षाबंधन पर्व पर सूनी रहेगी। शासनस्तर से आदेशों के बाद 25 मार्च के बाद तो बंदियों से उनके परिजनों की मुलाकात तक नहीं हो पाई हैं। मुलाकात न होने के कारण इस बार रक्षाबंधन पर्व पर भी किसी बहन का अपने भाई से मिलना संभव नहीं है। बुलंदशहर, मेरठ, गौतमबुद्धनगर, अलीगढ़, आगरा समेत अन्य जेलों में खुर्जा व आसपास के क्षेत्रों के बंदी बंद हैं और प्रतिवर्ष हजारों बहनें अपने भाईयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए जेलों में जाती हैं।लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण की वजह से न तो जेलों में जाने की अनुमति है और न ही कोई वहां किसी भी प्रकार का सामान भेजा सकता है।

इसलिए जेलों में बंद बंदियों के परिजनों को खासकर उनकी बहनों के लिए यह पर्व मायूसी लेकर आ रहा है। करीब चार महीने से भी बंदियों से उनके परिजनों की मुलाकातें भी नहीं हो रही हैं। मोहल्ला मुरारीनगर निवासी दयावती कहती हैं कि वह अपने भाई से पिछले कई महीनों से मुलाकात नहीं कर पाए हैं। जानकारी मिली है कि रक्षाबंधन पर्व पर भी मुलाकातें नहीं हो रही हैं। जबकि बिना भाईयों के यह पर्व पर्व नहीं होता है।

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