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कोरोना के कारण रिटेल कारोबार में 40% नुकसान की आशंका


कोरोना के कारण रिटेल  कारोबार में 40% नुकसान की आशंका

देश भर के कई राज्यों और महानगरों में कोरोना के बढ़ते मामलों पर काबू पाने के लिए लॉकडाउन या पाबंदियां लगाई जा रही हैं. इन पाबंदियों के कारण माइक्रो रिटेलर्स यानी छोटे रिटेलर्स की कमाई में 40 फीसदी तक की गिरावट आ सकती है. यह अनुमान फेडरेशन ऑफ रिटेलर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FRAI) का है, जो देश भर के 4 करोड़ माइक्रो, स्मॉल और मीडियम रिटेलर्स की रिप्रेजेंटेटिव बॉडी है. एफआरएआई के सेक्रेटरी जनरल विनायक कुमार का कहना है कि अगर देश भर में फिर लंबे समय के लिए कंप्लीट लॉकडाउन लगता है तो जो स्टोर्स नॉन-एसेंशियल गुड्स या सर्विसेज उपलब्ध करा रहे हैं, उनकी कमाई पूरी तरह बंद हो जाएगी और वे बर्बादी की कगार पर आ जाएंगे.

कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रे़डर्स (CAIT) के सेक्रेटरी जनरल प्रवीण खंडेलवाल के मुताबिक दिल्ली की बात करें तो लॉकडाउन के चलते एक दिन में 600 करोड़ का कारोबारी नुकसान होने का अनुमान है जबकि देश भर में फुल लॉकडाउन, पार्शियल लॉकडाउन, नाईट कर्फ्यू व अन्य रिस्ट्रिक्शंस के चलते हर दिन 30 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है. कैट के मुताबिक पिछले मंगलवार तक 10 दिनों के नाईट कर्फ्यू और कई राज्यों में आंशिक लॉकडाउन के चलते कारोबारियों को 46 हजार करोड़ का नुकसान हुआ जिसमें से 32 हजार करोड़ का नुकसान होलसेल बिजनस का हुआ.

दिल्ली के करोल बाग मार्केट के एक शॉप मालिक अभिनव सिंह का कहना है कि कपड़े का कारोबार अभी भी कोरोना से पहले की स्थिति में नहीं पहुंचा है और लॉकडाउन के चलते और नुकसान होने वाला है. ऐसी ही स्थिति ग्रॉसरी व फूड आइटम्स वाले दुकानदारों की भी है.

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