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कोरोना काल कम होगी कुंभ मेला की अवधि


कोरोना काल कम होगी कुंभ मेला की अवधि

कुंभ मेला की अधिकारिक अवधि दो सप्ताह तक सीमित करने का विचार
केंद्र की कोविड गाइडलाइन का पालन करने के लिये कम होगी मेला अवधि

देहरादून। हरिद्वार में होने वाले कुंभ मेले पर कोरोना का साया मंडरा रहा है। अभी तक उत्तराखंड सरकार द्वारा मेला नोटिफिकेशन तक जारी नहीं किया गया है। वजह यह कि कुंभ मेला को लेकर केंद्र सरकार द्वारा दी गयी गाइडलाइन का शत-प्रतिशत अनुपालन करना संभव नहीं लग रहा। ऐसे में हरिद्वार कुंभ की अधिकारिक अवधि को सीमित कर मात्र दो सप्ताह करने पर विचार किया जा रहा है। इस अवधि में मात्र तीन शाही स्नान शामिल होंगे और इससे पूर्व के सभी स्नान बिना नोटिफिकेशन के संपन्न कराये जायेंगे।

कुंभ मेला को लेकर केंद्र सरकार द्वारा जारी की गयी गाइडलाइन को लेकर असमंजस की स्थिति बन गयी है। राज्य सरकार इस गाइडलाइन का पूर्णतया पालन कैसे कराये इस पर मंथन चल रहा है। मंगलवार को हुई मंत्रीपरिषद की बैठक में इस बात पर भी विचार किया गया कि राज्य सरकार की ओर से मेला नोटिफिकेश जारी किये जाने के साथ ही केंद्र की गाइडलाइन का पालन कराना भी अनिवार्य हो जायेगा। ऐसे में मेले पर तमाम बंदिशें भी लागू हो जायेंगी जिसका पालन कराना आसान नहीं होगा।

इन परिस्थितियों पर विचार करते हुए कुंभ मेला की अवधि 12 से 27 अप्रैल के बीच ही सीमित रखने पर विचार किया गया। है। इस अवधि में 12 अप्रैल को सोमवती अमावस्या, 14 अप्रैल को वैशाखी और 27 अप्रैल को चैत्र पूर्णिमा के शाही स्नान ही शामिल होंगे। इससे पहले 11 मार्च को होने वाले महाशिवरात्रि शाही स्नान सहित अन्य स्नान भी बिना नोटिफिकेशन जारी किये कराये जाने का प्रस्ताव रखा गया है। ऐसे में माना जा रहा है कि राज्य सरकार द्वारा कुंभ मेला की अधिकारिक अवधि दो सप्ताह तक सीमित करने प्रस्ताव रखा जायेगा।

शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक का भी कहना है कि मंत्री परिषद की बैठक में कुंभ की एसओपी, नोटिफिकेशन को लेकर सीएम को अधिकृत कर दिया गया है। मुख्यमंत्री अखाड़ा परिषद के साथ विचार विमर्श कर इस पर अंतिम निर्णय लेंगे। दूसरे राज्यों के साथ भी विचार विमर्श चल रहा है।

श्रद्धालुओं पर भी पड़ेगा कोरोना का असर

कुंभ मेला में आने वाले श्रद्धालुओं को कोरोना से संक्रमित न होने के बावजूद कोरोना से प्रभावित अवश्य होना पड़ेगा। केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुपालन में श्रद्धालुओं को कड़ी बंदिशों का सामना करना पड़ेगा। सामाजिक दूरी बनाये रखने के नियम के अनुसार हरिद्वार कुंभ मेला में पहले जहां 24 घंटे में 16 लाख श्रद्धालु स्नान करते थे वहीं अब यह संख्या दस लाख तक सीमित करने की योजना है। वहीं हरिद्वार कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को स्नान के बाद उसी दिन वापस लौटना पड़ सकता है। क्योंकि उत्तराखंड सरकार कुंभ मेला क्षेत्र में कम से कम यात्रियों को ठहराने के पक्ष में है। शहरी विकास विभाग ने भी अपने प्रस्ताव में कहा है कि फिलहाल मेला क्षेत्र में यात्रियों और श्रद्धालुओं के लिए कैम्पिंग की इजाजत नहीं दी जायेगी।

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