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Covid 19: अमेरिका में बढे़ कोरोना के मामले, नए सब वैरिएंट ने बढ़ाई चिंता

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Covid 19 : कोरोना वायरस मामले पिछले तीन साल से वैश्विक चिंता का कारण बने हैं। पिछले कुछ महीनों में नए संक्रमितों के मामलों में सुधार मिलाथा। हालांकि हाल में ही एक रिपोर्ट फिर से चिंता बढ़ाने वाली है। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) ने अमेरिका के उत्तर-पश्चिमी राज्यों में कोरोना के एक नए सब-वैरिएंट ईयू 1.1 के सामने आने की सूचना दी है। संक्रमण की पुष्टि वाले कई मरीजों में वैरिएंट को प्रमुख कारण माना है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने बताया कि इस वैरिएंट के बारे में जानने के लिए शोध किए जा रहे हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका में वर्तमान में कोविड-19 के मामलों का लगभग यही वैरिएंट कारण है। अमेरिकी स्टेट मोंटाना और कोलोराडो में यह 8.7 प्रतिशत मामलों के लिए प्रमुख है। यूटा स्टेट में सबसे अधिक लगभग 100 मामले नए वैरिएंट के दर्ज हैं। अब तक के प्रारंभिक शोध में यह पाया गया है कि नया सब-वैरिएंट EU.1.1 मूल रूप से ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट XBB.1.5 का वंशज है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह बताना अभी जल्दबाजी होगी कि क्या यह सब-वैरिएंट संक्रमित लोगों में नए लक्षण पैदा करेगा। इसके लिए नए टीकों की जरूरत होगी।

क्या कहते हैं शोधकर्ता

नए वैरिएंट पर अध्ययन कर रही शोधकर्ताओं की टीम का कहना है कि Covid .19 रोग का कारण बनने वाले SARS-CoV-2 वायरस में म्यूटेशन हो रहा है। ऐसे में हमेशा नए वैरिएंट्स आशंकाओं को लेकर काम कर रहे हैं। कभी-कभी नए वैरिएंट्स उभरते हैं और फिर गायब हो जाते हैं। कुछ की प्रकृति अधिक संक्रामकता या गंभीर रोगों वाली हो सकती है। नए वैरिएंट के बारे में फिलहाल इतना समझा जा सका है कि ये XBB.1.5 का एक प्रकार है। ऐसे में उम्मीद है कि ये अधिक गंभीर नहीं बनेगा।

नए वैरिएंट्स को टारगेट कर टीके होंगे उपलब्ध

ओमिक्रॉन में लगातार म्यूटेशन को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ऐसे टीकों की जरूरतों पर जोर दिया जो नए वैरिएंट्स को टारगेट करते हों। अब तक मौजूद अधिकांश टीके कोरोना के मूल वैरिएंट को लक्षित करते हैं। जो पिछले तीन साल में बहुत बदल चुका है।
वैज्ञानिकों ने इस दिशा में तेजी से काम करते हुए खास नए टीके विकसित किए हैं। मॉडर्ना ने हाल में नए संशोधित वैक्सीन शॉट्स तैयार कर लिए हैं। जिसके आपातकालीन उपयोग की मंजूरी के लिए एफडीए को है।

ओमिक्रॉन के खिलाफ टीकाकरण

रिपोर्टस के अनुसार नए टीके XBB.1.5 वैरिएंट्स को लक्षित करने के लिए डिज़ाइन किए हैं। इस बारे में दवा निर्माता कंपनी ने कहा कि ये टीका ओमिक्रॉन के कई वैरिएंट्स XBB.1.16 और XBB.2.3 के खिलाफ प्रभावी होगा। नए वैरिएंट्स के खतरे को देखते हुए भारत ने हाल में विशेषतौर पर ओमिक्रॉन वैरिएंट्स को खत्म करने वाला बूस्टर वैक्सीन लॉन्च किया है।

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