उपचार न मिलने के कारण कोरोना संक्रमित युवक की मौत

उत्तराखंडउपचार न मिलने के कारण कोरोना संक्रमित युवक की मौत

Date:


उपचार न मिलने के कारण कोरोना संक्रमित युवक की मौत

  • नहीं किया अस्पतालों ने भर्ती, मरीज को लेकर चक्कर काटते रहे परिजन

देहरादून। कोरोना मरीजों के उपचार में लापरवाही न बरते जाने के तमाम सरकारी दावों के बावजूद कोरोना पीड़ित युवक को किसी अस्पताल में भर्ती नहीं किया। उपचार के अभाव में युवक की शनिवार को मौत हो गई।

अपने को खोने की पीड़ा सहन कर रहे परिजनों का कहना है की सांस की बीमारी से पीड़ित युवक को यदि अस्पतालों ने प्राथमिक उपचार भी दे दिया होता तो आज वह जीवित होता।

प्राप्त जानकारी के अनुसार इंदिरा काॅलोनी चुक्खुवाला निवासी एक 38 वर्षीय युवक को तबीयत खराब होने पर सहारनपुर चैक स्थित एक प्राइवेट हाॅस्पिटल में भर्ती कराया गया था। युवक की जांच रिपोर्ट कोरोना पाॅजिटिव आने पर 4 सितंबर को उसे दून अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया था। परिजन युवक को लेकर दून अस्पताल पहुंचे जहां अस्पताल प्रबंधन ने आईसीयू खाली न होने की बात कहकर उसे भर्ती करने से इंकार कर दिया। निराश होकर परिजन युवक को घर पर ले गये।

शनिवार को युवक की हालत खराब हुई तो परिजन उसे हिमालयन अस्पताल और श्री महंत इंद्रेश अस्पताल ले गए। आरोप है कि दोनों ही जगह आईसीयू खाली ने होने की बात कह कर युवक को भर्ती नहीं किया गया। पूर्व विधायक राजकुमार के कहने पर शनिवार देर शाम दून अस्पताल में चिकित्सकों ने युवक को देखा मगर तब तक युवक की मौत हो चुकी।

युवक की मौत पर परिजनों ने अस्पतालों पर सवाल खड़े किये हैं। वहीं पूर्व विधायक राजकुमार ने सरकार से युवक की मौत पर मुआवजा देने की मांग की है। इस संबंध में जानकारी के लिये प्रयास करने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन का पक्ष नहीं मिल पाया है।

कोरोना पीड़ित युवक की उपचार के अभाव में हुई मौत न केवल सरकार के दावों की पोल खोलती है बल्कि मरीजों को सदैव और सर्वश्रेष्ठ उपचार प्रदान करने का प्रचार करने वाले चिकित्सकों और अस्पतालों की हकीकत भी बयां करती है। पूर्ण उपचार तो छोड़िये किसी ने युवक को प्राथमिक उपचार देने का भी प्रयास नहीं किया। यदि कोशिश की होती तो शायद आज युवक जीवित होता और एक परिवार टूटने से बच जाता।

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related