स्वास्थ विभाग की 1108 टीमें 2 लाख 98 हजार 312 घरों में कर चुकी हैं जांच
4500 लोग बुखार और 1200 लोग सर्दी-जुकाम से पीड़ित, 151 को संास की तकलीफ
मेरठ। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव निपटते ही प्रदेश सरकार ने गांवों में कोरोना की जांच का दायरा बढ़ाने के निर्देश दिये थे। जिसके बाद 5 मई से गांव-गांव घर-घर नारे के साथ स्वास्थ विभाग ने गांवों में टेस्टिंग शुरू की थी। इस अभियान में काफी संख्या में लोग कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं जिन्हें होम आईसोलेट कर दवा की किट दी जा रही है। वहीं गांवों में सर्दी, बुखार और सांस लेने की तकलीफ भी ग्रामीणों में देखने का मिल रही है। ऐसे ग्रामीणों की जांच केे बाद उन्हें भी दवाएं वितरित की जा रही है।
मेरठ में गांवों में भी घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ की जांच की जा रही है। मेरठ के सीएमओ अखिलेश मोहन ने बताया कि 1108 टीमें 2 लाख 98 हजार 312 घरों में ग्रामीणों के स्वास्थ की जांच कर चुकी है। इस व्यापक सर्वें में 1200 ग्रामीण कोरोना संक्रमित मिले हैं। संक्रमितों को दवा की किट देने के बाद गांव में ही होम आइसोलेशन में रहने के लिये कहा गया है।
सीएमओ डाॅक्टर अखिलेश मोहन के अनुसार इस अभियान में अब तक कुल 6118 लोगों में संक्रमण के लक्षण दिखाई दिये थे। जांच के बाद 4500 लोग बुखार और 1200 लोग सर्दी-जुकाम से पीड़ित मिले। जांच के दौरान 151 लोगों ने सांस लेने की परेशानी होनेे की समस्या बतायी। इन सभी ग्रामीणों को दवा की किट दी गयी है।
सीएमओ ने इस महाभियान में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा किये जा रहे सहयोग को बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि गांवों में संक्रमण रोकने के लिये चलाये जा रहा अभियान कोरोना से जंग में मील का पत्थर साबित होगा।

