सीमित रही लोगों की संख्या, मास्क पहना, यथासंभव दूरी भी बनायी
न्यूज डेस्क। फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा पर आज रविवार रात को होलिका दहन किया गया। शुभ मुहुर्त पर होलिका दहन कर लोगों ने जीवन में सुख-शांति के साथ देश से कोरोना समाप्त हो जाने की कामना भी की। हालांकि कोरोना संक्रमण का प्रभाव होलिका दहन पर भी दिखा और अनेक जगहों पर सीमित संख्या पर ही लोग जमा हुए।
होली के एक दिन पहले यानी पूर्व संध्या को होलिका दहन करने की परंपरा रही है। बुराई पर अच्छाई की जीत के पर्व के रूप में किये जाने वाला होलिका दहन के अगले दिन रंगों से खेलने की परंपरा है जिसे होली के साथ धुलेंडी, धुलंडी और धूलि भी कहा जाता है। आज रविवार शाम 6 बजकर 7 मिनट से लेकर 8 बजकर 56 मिनट तक का था। इस 2 घंटा 20 मिनट की अवधि में लोगों ने परंपराओं का निर्वहन करते हुए होलिका दहन किया। होलिका दहन करने के बाद लोगों ने जलती होलिका के चारों ओर गोल घुमकर मनोकामना मांगी।
कोरोना का दिखा प्रभाव, सीमित रही लोगों की संख्या
देश में बढ़ते जा रहे कोरोना संक्रमण का असर होलिका दहन पर भी दिखा। होलिका दहन के समय सीमित संख्या में लोग मौजूद रहे। वहीं होलिका दहन के समय लोगों ने मास्क पहना और यथासंभव दूरी बनाने का प्रयास भी किया। वहीं यूपी सरकार द्वारा जारी आदेशों के अनुसार किसी नये स्थान पर होलिका रखने नहीं दी गयी। पुराने स्थानों पर ही होलिका रखकर पूजन और दहन किया गया।

