- कहीं प्लेसेंटा से तो वायरस नवजात में नहीं पहुंच रहा है वैज्ञानिक कर रहे स्टडी
- मेरठ में कोविड-19 के चपेट में आने से शुक्रवार को 10वीं मौत हो गई
मेरठ में कोरोना वायरस धीरे-धीरे अपनी रफ्तार तेज कर रहा है. 24 घंटे पहले जन्मे बच्चे में कोविड-19 की पुष्टि हुई है.लाला लाजपत राय मेडिकल काॅलेज में जन्मे नवजात में वायरस कहां से पहुंचा कि नेशनल नियोनेटोलॉजी फोरम और फॉक्सी जांच कर रही है.
इतनी कम उम्र में कोरोना का पहला मामला
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह यूपी का इकलौता केस है. एक्सपट्र्स के मुताबिक, वायरस शरीर में प्रवेश करने के पांच दिन बाद जांच में पकड़ा जाता है. लेकिन इस केस में पैदा होने के दूसरे दिन ही कोरोना का पता लगा.मुंबई में भी एक कोरोना एफेक्टेड नवजात मिल चुका है. नेशनल नियोनेटोलाजी फोरम ने भी आशंका जताया है कि कहीं प्लेसेंटा से तो वायरस नवजात में नहीं पहुंच रहा है.
संक्रमण का दूसरा रूट हो सकता है
मेडिकल कालेज के माइक्रोबायोलाजिस्ट डा. अमित गर्ग ने एक प्रमुख अखबार से बातचीत में कहा कि नवजातों में संक्रमण मिलना खतरनाक और चौंकाने वाली बात है. शायद कोरोना वायरस ने मानवशरीर में प्रवेश करने का दूसरा रूट भी तलाश लिया है.अब तक सांस, मुंह और नाक से निकलने वाली ड्रापलेटस और थूक से ही कोरोना संक्रमण का खतरा माना गया है. अगर नवजातों में वायरस प्लेसेंटा से पहुंचा तो रक्त संक्रमण का खतरा बन जाएगा.
मेरठ में बीजेपी नेता की मौत
बीजेपी महानगर अध्यक्ष के 25 वर्षीय पीएसओ विभांशु वशिष्ठ की कोविड-19 की वजह से मौत हो गई. उन्होंने दिल्ली में दम तोड़ दिया. बताया जा रहा है कि उनके पिता 10 दिन पहले कोरोना वायरस की जद में आने से मौत हो गई थी. बीजेपी नेता की मां और उनके भाई की रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव आई है.पिता की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के 24 घंटे पहले तक बीजेपी नेता महानगर अध्यक्ष के साथ विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए थे. सांसद, विधायक, एमएलसी और पार्टी पदाधिकारी लगातार उनके संपर्क में रहे थे. बीजेपी एमएलसी के आवास पर एक कार्यक्रम में महानगर अध्यक्ष और उनके करीबी शामिल रहे थे.पिता की मौत के बाद सभी बीजेपी नेता क्वारंटीन कर दिए गए थे. गौरतलब है कि पिछले चार दिनों के अंदर कोरोना के 70 से ज्यादा नए केस मेरठ में सामने आ चुके हैं.

