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खत्म हुआ विवाद! मिलकर करेंगे काम सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक


खत्म हुआ विवाद! मिलकर करेंगे काम सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक

नई दिल्ली: सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) और भारत बॉयोटेक ने कहा कि दोनों कंपनियां कोरोना वैक्सीन के विकसित करने, मैनुफैक्चरिंग करने और आपूर्ति के लिए मिलकर काम कर रही हैं. ये दोनों कंपनियां मिलकर भारत समेत दुनिया भर को कोरोना वैक्सीन उपलब्ध कराएंगी. मंगलवार 5 जनवरी को जारी एक बयान में एसआईआई के सीईओ अदार पूनावाला और भारत बॉयोटेक के चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर कृष्णा इल्ला ने इससे जुड़ी घोषणाएं की. दोनों ने कहा कि एसआईआई और भारत बॉयोटेक मिलकर कोरोना वैक्सीन बनाएंगी और दुनिया भर में उसे सप्लाई करेंगी.

जारी किया संयुक्त बयान
उन्होंने अपने बयान में कहा कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण कार्य भारत और दुनिया भर में लोगों की जिंदगियां और उनकी जीविकाएं बचाना है. बयान के मुताबिक वैक्सीन में इतनी क्षमता है कि वे दुनिया भर में लोगों की जिंदगी बचा सके और जल्द से जल्द आर्थिक स्थिति को सामान्य कर सके. इस समय भारत में दो कोरोना वैक्सीन को ईयूए (इमरजेंसी यूज अथॉरिटीजेशन) मिल चुका है तो ऐसे में इनकी मैनुफैक्चरिंग, सप्लाई और डिस्ट्रिब्यूशन पर मुख्य फोकस बना हुआ है. पूनावाला और इल्ला ने कहा कि ये वैक्सीन सुरक्षित, उच्च गुणवत्ता वाली और प्रभावकारी हैं.

3 जनवरी को DGCI की मिली थी मंज़ूरी
3 जनवरी को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के कोवीशील्ड और भारत बॉयोटेक और कोवैक्सीन के ईयूए को मंजूरी दी. दोनों कंपनियों ने कहा कि सभी को वैक्सीन उपलब्ध कराना देश व विश्व के प्रति उनका कर्तव्य है. उन्होंने कहा कि कोरोना वैक्सीन से जुड़ी सभी डेवलपमेंट एक्टिविटीज योजना के मुताबिक ही चल रही हैं. पूनावाला और इल्ला ने कहा कि वे लोगों और देश के लिए वैक्सीन की जरूरतों को समझते हैं और दुनिया भर के लोगों की पहुंच वैक्सीन तक सुनिश्चित करने के लिए वे प्रतिबद्ध हैं.

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