‘द सैटेनिक वर्सेज’ के लेखक सलमान रुश्दी पर कल अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में एक कार्यक्रम के दौरान हादी मटर नाम के व्यक्ति ने जानलेवा हमला किया। हमले से सलमान रुश्दी काफी गंभीर रूप से घायल हुए, इस शख्स ने रुश्दी पर चाकू से हमला किया और कई वार किये। हमले के बाद रुश्दी फर्श पर गिर गए, उन्हें फ़ौरन की इलाज के लिए हेलीकाप्टर के द्वारा नज़दीक के अस्पताल ले जाया गया. बताया जा रहा है कि विवादित लेखक वेंटिलेटर पर हैं, हादी मटर के हमले में उनकी एक आँख को भी गंभीर चोट आयी है जिससे उन्हें एक आँख गंवाने का खतरा भी पैदा हो गया है.
बता दें कि सितम्बर 1988 में उनके द्वारा लिखे गए उपन्यास ‘द सैटेनिक वर्सेज’ ‘द सैटेनिक वर्सेज’ के पब्लिश होने के बाद रुश्दी इस्लामिक कट्टपंथियों के निशाने पर आ गए थे. ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला रूहोल्लाह खमनेई ने रुश्दी को मौत का फरमान जारी किया था और उसे मारने वाले को 30 लाख डॉलर का इनाम देने की बात कहीं थी. इतने लम्बे समय से कट्टपंथियों के निशाने पर रहने वाले रुश्दी पर कल अंततः हमला हो ही गया जो बड़ा घातक बताया जा रहा है. उनके बुक एजेंट एंड्रयू वायली के मुताबिक सलमान रुश्दी अपनी एक आंख खो सकते हैं. चाकू के वार ने उनके लीवर को डैमेज किया है, हाथ की नसें भी कट गयी हैं. लम्बी सर्जरी के बाद रुश्दी वेंटिलेटर पर हैं और बोलने में असमर्थ हैं.
पुलिस के मुताबिक सबकुछ इतना अचानक हुआ कि किसी को कुछ पता ही नहीं चल सका कि क्या हो रहा है. सलमान रश्दी मंच पर बैठे थे तभी एक नौजवान मंच की तरफ बढ़ा और सलमान रश्दी पर हमलावर हो गया, पहले उसने रुश्दी पर मुक्के बरसाए और उसके बाद चाकू से ताबड़तोड़ 10-15 वार किये, रुश्दी मंच पर ही खून से लथपथ होकर गिर गए. आयोजकों ने हादी मटर को दबोचा और पुलिस के हवाले के किया। दरअसल जब यह सब हो रहा था तो पहले लोगों ने इसे कोई पब्लिसिटी स्टंट समझा लेकिन जल्द ही पता चला कि यह तो विवादित लेखक पर हुआ जानलेवा हमला है. इस हमले में प्रोग्राम के ऐंकर के भी सर में चोटें लगी हैं.
सलमान रुश्दी पर हमला करने वाला हादी मटर न्यूजर्सी का रहने वाला है. फिलहाल वह पुलिस हिरासत में है, अभी तक उस पर कोई चार्ज नहीं लगाया गया है, पुलिस की निगाह सलमान रुश्दी के स्वास्थ्य पर है, उसी के आधार पर वह हादी मटर के खिलाफ आगे की कार्रवाई करेगी। हादी मटर को ईरान समर्थक बताया जा रहा है, रुश्दी पर उसने हमला क्यों किया फिलहाल आधिकारिक रूप से यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ है लेकिन इस हमले का कनेक्शन ‘द सैटेनिक वर्सेज’ से ही जोड़ा जा रहा है. इस्लामिक कट्टरपंथियों का आरोप था कि सलमान रुश्दी ने इस विवादित उपन्यास में ईशनिंदा की है. हालाँकि सलमान रुश्दी के इस विवादित उपन्यास को 1988 में बुकर प्राइज मिल चूका है.
