फतेहपुर की इस सीट पर हो सकता है उलटफेर, बसपा-भाजपा में सीधी भिड़ंत से रोचक हुआ मुकाबला

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फतेहपुर की इस सीट पर हो सकता है उलटफेर, बसपा-भाजपा में सीधी भिड़ंत से रोचक हुआ मुकाबला

फतेहपुर: उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के लिए अब समय न के बराबर बचा है, सभी पार्टियां और प्रत्याशी जीत के लिए अपना पूरा जोर लगा रहे हैं। इसी क्रम में अयाहशाह विधानसभा काफी में मुकाबला काफी दिलचस्प और रोमांचक हो गया है। यहां पर भारतीय जनता पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशियों के बीच जोरदार घमासान देखने को मिल रहा है। वहीं, समाजवादी और कांग्रेस के प्रत्याशी इससे काफी दूर छूट गए हैं। कांग्रेस और सपा तीसरे और चौथे स्थान के लिए जोर आजमाइश कर रहे हैं। ऐसे में भाजपा और बसपा के बीच ही कोई अयाहशाह का विधायक बन सकता है।

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भारतीय जनता पार्टी से सिटिंग विधायक विकास गुप्ता को टिकट मिला है। वह विकास और उन्नति के नाम पर लोगों के बीच जाकर उनसे भाजपा के लिए मतदान करने की अपील कर रहे हैं। वहीं, भाजपा संगठन भी अपने प्रत्याशी को जिताने के लिए पूरी तरह सक्रिय है। बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली से भाजपा प्रत्याशी को बड़ा बल मिला है। इसके पहले जिलाध्यक्ष आशीष मिश्र पार्टी से नाराज हुए मनोज गुप्ता को पार्टी में शामिल कराकर अपने प्रत्याशी को मजबूत किया।

भाजपा प्रत्याशी की चुनौती तगड़ी

इतना ही नहीं बसपा के पूर्व मंत्री अयोध्या पाल को भी पार्टी से जोड़कर अपने गढ़ को मजबूत करने का दांव चला है। बीते शनिवार को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी भाजपा प्रत्याशी के लिए जनसभा कर विकास गुप्ता को जिताने की अपील की है। साथ ही साथ पार्टी के अन्य केंद्रीय मंत्री, बीजेपी जिलाध्यक्ष लगातार अपने प्रत्याशी को जिताने के लिए घर-घर, गांव-गांव लोगों से मिल रहे हैं। क्षेत्र में बीजेपी की मजबूत पकड़ अपने प्रत्याशी के समर्थन को बड़ा बल दे रही है। क्षेत्र में हुए विकास के नाम पर विकास गुप्ता मजबूती से चुनाव लड़ रहे हैं।

अयाहशाह विधानसभा में केवल भाजपा ही नहीं बल्कि बसपा भी दमदारी से चुनाव लग रही है। हालांकि, शोर भले ही सुनाई न दे रहा हो लेकिन बसपा को अनदेखा नहीं किया जा सकता है क्योंकि यह सीट लंबे समय से बसपा के पास थी और बसपा का प्रत्याशी यहां से जीत दर्ज करते थे। क्षेत्र में पाल बिरादरी की जबरदस्त संख्या होने के कारण चंदन पाल को अपने आप ही मजबूती मिल रही है। साथ ही वह सरल भाव से लोगों के बीच जाकर अपने और मायावती के लिए वोट मांग रहे हैं। चंदन पाल बिना किसी पर आरोप प्रत्यारोप किए मतदाताओं को अपनी योजनाएं बता रहे हैं।

बसपा प्रत्याशी से सीधी भिड़ंत

मोहल्ला क्लिनिक खोलने से लेकर गाजीपुर-विजयीपुर सड़क निर्माण का भी दम भर रहे हैं। स्कूल से लेकर कई मॉडल उनके दिमाग में सेट हैं। वह लोगों से बात करते हुए स्पष्ट करते हैं कि यदि उनकी सरकार बनती हैं तो वह ये सब काम करेंगे। चंदन पाल अपने को घरेलू और सपा-कांग्रेस प्रत्यशियों को बाहरी बताने से भी नहीं चूकते। समीकरणों की बात करें तो बसपा प्रत्याशी चंदन पाल कांग्रेस और सपा से ज्यादा मजबूत हैं। ऐसे में उनकी सीधी टक्कर भाजपा प्रत्याशी विकास गुप्ता से मानी जा रही है।

कांग्रेस प्रत्याशी का हाल चिंताजनक

विधानसभा में अपनी जमीन तलाशती कांग्रेस ने गुलाबी गैंग लीडर और प्रधान हेमलता पटेल को प्रत्याशी बनाया है। हेमलता पटेल खुद को महिलाओं और महिला समूहों के बीच काफी मजबूत मानती हैं, लेकिन हकीकत कोसों दूर है। महिलाएं उन्हें गुलाबी गैंग लीडर के रूप में तो पसंद करतीं हैं लेकिन पार्टी के नाम पर सभी में एकमत नहीं हैं क्योंकि इसके पहले भी महिलाएं कहीं न कहीं वोट देती रही हैं। हेमलता पटेल पर भी बाहरी होने का ठप्पा लग चुका है। उल्लेखनीय है कि वह बांदा जिले से हैं। हेमलता 2017 का विधानसभा चुनाव लड़ चुकीं है, जिसमें उन्हें बहुत ही कम वोट मिले थे। हेमलता पटेल का चुनाव कांग्रेस के सिंबल पर होने के कारण वह अपनी मजबूत पहचान जरूर बना ले जाएंगी, लेकिन विधानसभा की लड़ाई में वह दूर होती दिख रही हैं।

सपा प्रत्‍याशी के लिए भी मुश्किलें

इस विधानसभा में बात समाजवादी पार्टी की करें तो राज्यसभा सांसद विशंभर निषाद को पार्टी ने अपना प्रत्याशी बनाया है। क्षेत्र में निषाद और खांटी सपा वोट बैंक के दम पर विशंभर निषाद ताल ठोंक रहे हैं। वह काफी समय से अयाहशाह विधानसभा की खाक छान रहे हैं। अपने बिरादरी के साथ संपर्क करते उन्हें काफी समय बीत रहा है, लेकिन बाकी जगह उनकी पकड़ जीत के लिए मजबूत नहीं हो पाई। ऊपर से उनके बाहरी होने का ठप्पा भी लग गया। साथ ही यह भी चर्चा है कि जब वह सांसद थे तब कौन सा विकास कर दिया कि उन्हें विधायक बनाया जाए। ऐसे में यदि वह यहां से विधायक बनते हैं तो बड़ा चमत्कार ही माना जाएगा।

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बाहरी और घरेलू के बीच छिड़ा द्वंद मतदाताओं के साथ भावनात्मक लड़ाई जरूर लड़ रहा है और यह असर भी करेगा। ऐसे में अयाहशाह विधानसभा की लड़ाई  भाजपा और बसपा के बीच होती दिख रही है। रही बात कांग्रेस और सपा की, तो ये प्रत्याशी अपने चुनाव को चढ़ाने में फिलहाल कामयाब नहीं हो पाए हैं। अब ऐसे में अयाहशाह का विधायक विकास गुप्ता या चंदन पाल के बीच ही चुने जाने की संभावना है।

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