Site icon Buziness Bytes Hindi

Umesh Pal murder case: Muslim Boarding Hostel के कमरा नंबर 36 में रची साजिश

Muslim boarding hostel

लखनऊ। उमेश पाल हत्याकांड में अब चौकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। उमेश पाल हत्याकांड की साजिश मुस्लिम बोर्डिंग हॉस्टल के कमरा नंबर 36 में रची गई थी। बताया जाता है कि इस कमरे में सदाकत ने दो साल से अवैध कब्जा किया हुआ था। कुछ महीने पहले हॉस्टल में अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई की थी। उस दौरान जिन सात कमरों को सील किया गया, उनमें सदाकत का कमरा शामिल था।


सील किए कमरों के ताले तोड़े

हालांकि, सील के कुछ दिनों पांच कमरों के ताले तोड़ दिए थे। ताला टूटने के बाद सदाकत ने कमरा नंबर 36 पर फिर से कब्जा कर लिया था। सदाकत ने दो साल पहले सीएमपी डिग्री कॉलेज से एलएलबी की थी।

पुलिस ने हॉस्टल के कमरों का ताला तोड़ने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की और पांच कमरों पर फिर से अवैध कब्जा हो गया। अगर उसी समय पुलिस ने घटना को गंभीरता से लेती तो सदाकत भी हॉस्टल से बाहर होता और हॉस्टल में उमेश पाल हत्याकांड की साजिश नही रची जाती।

सूत्रों का कहना है कि सदाकत अपने कमरे में कब आता—जाता था। इसकी जानकारी किसी को नहीं थी। कमरा नंबर 36 का ताला टूटने की शिकायत पुलिस से किए जाने के बाद सदाकत ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी।

एलएलबी प्रथम वर्ष के छात्र को उठाया

हॉस्टल के छात्रों ने बताया कि सदाकत की तलाश में मुस्लिम बोर्डिंग हॉस्टल पहुंची पुलिस को जब कमरा नंबर-36 पर ताला लगा हुआ मिला। पुलिस सीधे कमरा नंबर-58 पर पहुंची और वहां रहने वाले एलएलबी प्रथम वर्ष के छात्र मुबस्सिर हारून को उठा लिया। इसके बाद से मुबस्सिर हॉस्टल वापस नहीं आया है। वह हॉस्टल का वैध छात्र है और कमरा नंबर-58 उसी के नाम से आवंटित है।


हत्याकांड के एक हफ्ते पहले गायब सदाकत

उमेश पाल हत्याकांड के एक हफ्ते पहले सदाकत हॉस्टल से गायब हो गया था। हॉस्टल के कुछ छात्रों ने बताया कि सप्ताह भर से उसके कमरे पर ताला लगा था। वारदात से तकरीबन हफ्ते भर पहले उसे हॉस्टल में देखा गया था।


हॉस्टल पर पहरा और नोटिस जारी

मुस्लिम बोर्डिंग हॉस्टल पर पुलिस के छापे के बाद हॉस्टल पर पहरा बढ़ा दिया है। हॉस्टल अधीक्षक इरफान खान की ओर से नोटिस जारी किया है कि रात 11 से सुबह छह बजे तक हॉस्टल के मेन गेट पर ताला रहेगा।
इस दौरान कोई छात्र न तो बाहर जाएगा और न हॉस्टल में प्रवेश करेगा। अधीक्षक ने बताया कि अक्सर कई छात्र रात को एक बजे तो कभी तीन बजे हॉस्टल लौटते हैं। इसी वजह से हॉस्टल के मेन गेट पर रात 11 से सुबह छह बजे तक ताला लगाए जाने का निर्णय लिया गया है।

Exit mobile version