अहमदाबाद। विधानसभा चुनाव में अब चंद महीने ही बचे हैं। सभी सियासी दल अपनी तैयारी में लगे है। अहम बात ये है कि इस बार गुजरात चुनाव में आम आदमी पार्टी भी मैदान में है। आम आदमी पार्टी सत्ता के सिंहासन को आदिवासी वोट बैंक के तीर से साध रही है। वहीं कांग्रेस भी पूरी तैयारी के साथ है। हालांकि इस बार कांग्रेस के पास वो जुझारू युवा टीम नहीं है। जिसने 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को कड़ी टक्कर दी थी और कांग्रेस को 77 सीटें मिली थी। इस बार राज्य के युवा पाटीदार नेता हार्दिक पटेल भी कांग्रेस का दामन छोड़ चुके हैं। हार्दिक पटेल ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए बिना उनका नाम लिए निजी आक्षेप लगाये। पार्टी छोड़ने या बदलने के बाद सियासत के नेताओं को पुराने सिद्धांतों के साथ समझौता तो करना ही होता है साथ ही उसकी तिलांजलि भी देनी होती है।
हार्दिक पटेल को कांग्रेस के उदयपुर नव संकल्प शिविर में भाग लेने के लिए निमंत्रण भेजा गया। लेकिन इसके बाद भी वो इसमें हिस्सा लेने नहीं गए। इसके विपरीत वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी नीतियों की सराहना करने लगे। कांग्रेस से जाते हुए उन्होंने अपना राजनीतिक मकसद साफ कर दिया। जिसमें उन्होंने कहा था कि अयोध्या राम मंदिर हो, जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हो या फिर जीएसटी लागू करने का मामला। देश लंबे समय से ऐसे मुद्दों का समाधान चाहता था लेकिन कांग्रेस हमेशा से रोड़ा अटकाती रही। हार्दिक पटेल का कांग्रेस पार्टी छोड़कर जाना बड़ा झटका है। हार्दिक के इस्तीफे से गुजरात में कांग्रेस युवा टीम अब पूरी तरह से बिखर गई है। गुजरात में हार्दिक पटेल, अल्पेश ठाकोर,जिग्नेश मेवाणी के साथ मिल कांग्रेस ने 2017 के विधानसभा चुनावों में भाजपा को कड़ी चुनौती दी थी। जिसमें उसने भाजपा को सौ का आंकड़ा पार नहीं होने दिया था। कांग्रेस ने विधानसभा की 182 सीटों में 77 पर जीत हासिल की थी। जबकि भाजपा को 99 सीट मिली थी। प्रदेश में राजनीतिक दिग्गजों ने महसूस किया था कि कांग्रेस युवा नेतृत्व के दम पर सत्ताधारी भाजपा को हिलाने में कामयाब रही है। 2019 में हार्दिक पटेल कांग्रेस में शामिल हुए तो सीधे पार्टी की प्रदेश इकाई का कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया गया।
Read also: PM Modi Andhra Pradesh Visit: आंध्रा में पीएम मोदी के सामने उड़ाए काले गुब्बारे
हार्दिक पटेल को एकाएक इतना बड़ा पद दिये जाने से गुजरात के दिग्गज कांग्रेसी नेता नाराज हो गए। गांधी परिवार के करीबी अहमद पटेल भी इस निर्णय से खुश नहीं रहे। अहमद पटेल के बेटे फैजल पटेल ने गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए कहा था कि वह इंतजार करके तंग आ गये हैं। इस दौरे में एक और चौंकाने वाली बात यह देखने को मिली जब राहुल गांधी ने हार्दिक पटेल को झिड़क दिया। आदिवासी सत्याग्रह के दौरान हुई उपेक्षा से हार्दिक पटेल भी जान गये कि अब उनके लिए कांग्रेस में बने रहना ठीक नहीं है। लेकिन अब देखना है कि कांग्रेस बिना युवाओं की टीम के इस बार गुजरात विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी भाजपा को कैसे जमीन पर लाएगी।
इसके अलावा, आने वाले gujarat vidhan sabha chunav 2022 के बारे में पढ़ने के लिए हमसे जुड़े रहे।

