कांग्रेस विधायकों ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर एक मंत्री की टिप्पणी के खिलाफ शुक्रवार को सदन में प्रदर्शन करने के बाद गोविंद सिंह डोटासरा सहित पार्टी के छह विधायकों को निलंबित किए जाने के खिलाफ विधानसभा के अंदर अपना धरना जारी रखा और रात वहीं बिताई। विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने कहा कि तीन मंत्रियों ने कल रात वरिष्ठ विधायकों से बातचीत की, लेकिन यह बेनतीजा रही और धरना जारी रहा।
जूली ने शनिवार को संवाददाताओं से कहा कि हम मांग करते हैं कि मंत्री अपनी टिप्पणी वापस लें। ऐसे उदाहरण हैं जब शब्दों को हटाया गया है, लेकिन सरकार खुद सदन चलाना नहीं चाहती है और इसलिए यह मुद्दा बनाया गया है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को छह विधायकों को निलंबित करने के बाद अध्यक्ष द्वारा सदन स्थगित किए जाने के बाद पार्टी विधायक सदन में धरना दे रहे हैं।
प्रश्नकाल के दौरान कल विधानसभा में मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि 2023-24 के बजट में भी गेहलोत सरकार ने हमेशा की तरह एक योजना का नाम अपनी दादी इंदिरा गांधी के नाम पर रखा है। इस टिप्पणी के बाद सदन में भारी हंगामा हुआ और तीन बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कांग्रेस विधायक गोविंद सिंह डोटासरा, रामकेश मीना, अमीन कागजी, जाकिर हुसैन, हाकम अली और संजय कुमार को निलंबित करने का प्रस्ताव रखा, जिसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। छह विधायकों को निलंबित करने का प्रस्ताव पारित होने के बाद अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। स्थगन के बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन में ही धरना शुरू कर दिया और रात वहीं बिताई।

