नई दिल्ली। कांग्रेसी दिग्गज नेता गुलाम नबी आजाद ने भी आज शुक्रवार को पार्टी छोड़ दी। आजाद ने अपना पांच पेज का इस्तीफा सोनिया गांधी को भेजा है। जिसमें उन्होंने कई आरोप लगाए हैं। आजाद ने यह भी लिखा कि कांग्रेस में वरिष्ठ नेताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। अब चारों तरफ से सवाल उठ रहा है कि आखिर क्या कारण हैं कि अब कांग्रेस के दिग्गज नेता एक-एक करके पार्टी से त्यागपत्र दे रहे हैं। कोई बड़ा नेता पार्टी के बड़े पदों को नहीं संभालना चाहता है। कांग्रेस छोड़ने वाले अधिकतर नेताओं ने कांग्रेस नेतृत्व और खासतौर पर राहुल गांधी पर सवाल उठाए हैं। दो दिन पहले कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले जयवीर शेरगिल ने कुछ इसी तरह के सवाल उठाए थे। इससे पहले जितिन प्रसाद, ज्योतिरादित्य सिंधिया, हार्दिक पटेल सहित कई नेताओं ने इस्तीफा दिया था। कांग्रेस के एक दिग्गज नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कई बातों से पर्दा उठाया। कहा कि पार्टी में मतभेद है। लगातार चुनावों में मिल रही हार से नेता,कार्यकर्ता हताश हो चुके हैं। उन्होंने इसके चार कारण भी बताए जो कि निम्न हैं।
इनमें पहला है पार्टी का नेतृत्व संकट:- कांग्रेस में लंबे समय से चुनाव नहीं हुआ। 2019 लोकसभा चुनाव के बाद राहुल गांधी ने अध्यक्ष पद से त्यागपत्र दे दिया। उसके बाद से सोनिया गांधी अंतरिम अध्यक्ष बनीं हुई हैं। सोनिया की तबियत अधिकतर खराब रहती है। ऐसे में अधिकांश काम राहुल संभालते हैं। कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले नेताओं ने आरोप लगाया कि राहुल कभी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को समय नहीं देते। इनमें दूसरा कारण वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी: लगातार चुनावों में हार के बाद अब कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं ने अलग गुट बनाया है। इसके बाद पार्टी नेतृत्व को लेकर विद्रोही अटकलें शुरू हो चुकी हैं। इन नेताओं का आरोप है कि पार्टी में उनकी बातों को नजरअंदाज किया जाता है। पार्टी में नेताओं की सुनने वाला कोई नहीं। लोकतंत्र पूरी तरह से खत्म हो गया। इस गुट में गुलाम नबी आजाद, कपिल सिब्बल, मनीष तिवारी,शशि थरूर, आनंद शर्मा,रेणुका चौधरी, पीजे कुरियन, मुकुल वासनिक,मिलिंद देवड़ा, भूपेंद्र सिंह हुड्डा,जितिन प्रसाद, राजिंदर कौर भट्टल जैसे नेता शामिल थे।
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तीसरा कारण पार्टी में तालमेल का आभाव:
कांग्रेस में कोई नेता दूसरे की नहीं सुन रहा। राहुल गांधी.सोनिया गांधी पार्टी नेताओं की गुटबाजी को खत्म नहीं कर पा रहे हैं। संगठन में तालमेल का आभाव है। तालमेल अब कांग्रेस में पूरी तरह से खत्म हो गया है।
चौथा और सबसे अहम कारण है राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल:-
कांग्रेस छोड़ने वाले अधिकांश नेताओं ने साफ कहा कि वह राहुल गांधी के नेतृत्व से नाखुश हैं। गुलाम नबी आजाद ने अपनी चिट्ठी में खुलकर इसका जिक्र भी किया है। उन्होंने तो यहां तक लिखा कि राहुल गांधी के बचपने के कारण ही 2014 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को करारी हार मिली। आजाद ने राहुल के नेतृत्व पर सवाल खड़ा किया।
