नागपुर। महाराष्ट्र का नागपुर जिला आरएसएस का गढ़ कहा जाता है। यहां से ही देशभर में आरएसएस की गतिविधियां संचालित की जाती हैं। आरएसएस के गढ़ नागपुर जिले में पंचायत समिति के अध्यक्षों और उपाध्यक्षों के पदों पर हुए चुनावों में भाजपा को बड़ा झटका लगा है। इन सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस का दबदबा रहा है। कांग्रेस ने जिले में अध्यक्ष के 13 में से नौ और उपाध्यक्ष के 13 में से आठ पदों पर जीत हासिल कर ली है। उपाध्यक्ष की तीन सीटों पर भाजपा को जीत हासिल हुई है। लेकिन भाजपा अध्यक्ष का एक भी पद नहीं जीत सकी है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने अध्यक्ष के तीन पद हासिल किए हैं। जबकि शिवसेना अध्यक्ष का एक पद जीतने में सफल रही है।
कांग्रेस ने कलमेश्वर,सौनेर, मौदा, परसिवनी, उमरेड, कैंपटी, कुही, भिवापुर और नागपुर ग्रामीण में अध्यक्ष पद का चुनाव जीता है। जबकि नरखेड़,काटोल और हिंगना में राकांपा ने जीत हासिल की है। रामटेक अध्यक्ष का पद शिवसेना ने जीता है। सूत्रों की माने तो रामटेक सीट पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व गुट ‘बालासाहेबंची शिवसेना’ ने जीत हासिल की है। इन सभी सीटों पर चुनाव शनिवार को हुए थे। उसी दिन परिणाम घोषित किए गए।
कांग्रेस ने 13 में 9 प्रमुख पद जीतकर भाजपा के गढ़ में सेंध लगा दी है। जिससे भाजपा दिग्गजों की नींद उड़ गई है। आठ उपप्रमुख के पदों को पार्टी ने जीता है। भाजपा को सिर्फ तीन उपप्रमुख का पद मिला। भाजपा के लिए यह हार काफी बड़ी है। भाजपा के बड़े नेता इसी क्षेत्र से आते हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के अलावा डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस का ये गढ़ माना जाता है। कांग्रेस की जीत ने भाजपा को नई रणनीति बनाने पर अब मजबूर कर दिया।
