भाजपा ने कहा, राजस्थान-छत्तीसगढ़ में क्यों नहीं रखा जाता मौन व्रत
लखनऊ। लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के मामले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा ‘टेनी’ को बर्खास्त करने की मांग को लेकर कांग्रेस पार्टी ने आज देश भर में अलग-अलग मौन धरना दिया। लखनऊ के जीपीओ पार्क में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के नेतृत्व में ‘मौन धरना’ दिया। लखीमपुर हिंसा मामले में भाजपा सरकार पर आक्रामक प्रियंका गांधी जोर-शोर से केंद्रीय मंत्री की बर्खास्तगी की मांग उठा रही हैं। गौरतलब है कि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा का बेटा आशीष मिश्रा हिंसा के मामले में मुख्य आरोपी है और गिरफ्तार होने के बाद पुलिस रिमांड में है।
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पार्टी प्रवक्ता ने बताया कि उप्र कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा, विधान परिषद में नेता दीपक सिंह सहित कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता सोमवार दोपहर जीपीओ पार्क में एकत्रित हुए और मौन धरना दिया। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी मौन धरने में शामिल हुईं। कांग्रेस ने लखीमपुर खीरी हिंसा की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त करना जरूरी बताते हुए उनको पद से हटाने की मांग की है।
वहीं उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि कानून किसी भी तरह के दबाव से प्रभावित नहीं होगा। मौन व्रत करना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने नाम लिये बगैर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ओर इशारा करते हुए कहा की हमारे प्रधानमंत्री दस साल से मौन व्रत कर रहे थे। अगर वे मौन व्रत रख रहे हैं तो कल पीएम बनने का सपना भी देख सकते हैं।
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प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि हम भाई-बहन (राहुल-प्रियंका) को नक्शा भेज रहे हैं जिसमें एक रास्ता राजस्थान को जाता है जहां एक दलित युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गयी और वे अभी तक भी वहां नहीं गये। उस नक्शे में दूसरा रास्ता छत्तीसगढ़ जाता है जहां जाकर उन्हेें अपने सीएम से पूछना चाहिये कि उनके राज्य में किसानों की हत्या क्यों की गयी? वहां मौन व्रत क्यों नहीं रखा जाता?

