By: Dheeraj Upadhyay
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) के तीसरे चरण में आज 20 फरवरी को 16 जिलों की 59 सीटों पर करीब 2.15 करोड़ मतदाता 627 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। तीसरा चरण काफी व्यापक इसमें वोटर बृज क्षेत्र के 5 जिलें की 19, अवध क्षेत्र की 27 तथा बुंदेलखंड के पांच जिलों की 13 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। इसी चरण के अंतर्गत सपा का गढ़ कहे जाने वाले ‘यादवलैंड’ के 8 जिलें इटावा, औरैया, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, कन्नौज, कासगंज और फर्रुखाबाद की 28 सीटें भी आती है।
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बता दे कि सपा के गढ में भाजपा ने 2017 में 28 में से 22 सीटों पर अपना परचम लहराया था और सपा को केवल 6 सीटें मिली थी। वहीं 2012 के विधानसभा चुनाव में सपा ने अपने गढ़ में 28 में से 26 सीटों पर कब्जा जमाया था जबकि बीजेपी और बसपा को केवल एक-एक सीट से संतोष करना पड़ा था।
सपा-भाजपा में पुराना प्रदर्शन दोहरने की चुनौती
इस चरण में सपा और भाजपा दोनों पार्टियों के सामने अपना पुराना प्रदर्शन दोहराने की चुनौती है। एक तरफ जहां 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 59 में से 49 सीटें जीती थीं तो शेष 10 में से 8 सीटें सपा और एक सीट पर कांग्रेस व एक सीट पर बसपा को जीत मिली थी।
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दूसरा चरण जहां सपा-रालोद गठबंधन के लिए अनुकूल था तो वहीं तीसरे चरण में सपा के लिए 2012 जैसा प्रदर्शन दोहराने की चुनौती है। यहीं कारण है की अखिलेश यादव अपने गढ़ में मैनपुरी के करहल विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे है। वहीं चाचा शिवपाल पड़ोस की जसवंतनगर विधानसभा से चुनाव लड़ रहे है और परिवार की एकता का परिचय दे रहे है।

