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कम्पनियाँ बदलने वाली हैं सैलरी स्लिप


कम्पनियाँ बदलने वाली हैं सैलरी स्लिप

नई दिल्ली: कोरोना वायरस आने के बाद तमाम बदलावों के बाद सैलरी स्लिप में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।

खबर आ रही है कि आईटी सेक्टर, बैंकिंग, एफएमसीजी, कसंल्टेशन, ऑटोमोबाइल, मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर नई सैलरी स्लिप ला सकते हैं। एंप्लॉयमेंट एंड लेबर लॉ के स्पेशलिस्ट खेतान एंड कंपनी में पार्टनर अंशुल प्रकाश ने कहा कि कंपनियों में एचआर की तरफ से नई पॉलिसी बनाने की योजना है। उन्होंने ये भी बताया कि अब सैलरी स्लिप में से ट्रैवल और कंवेंस अलाउंस, तेल और ड्राइवर का अलाउंस, व्हीकल मेंटेनेंस चार्ज जैसे कंपोनेंट हटाया जा सकते हैं। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि लोग यात्रा नहीं कर रहे हैं और घर से ही काम कर रहे हैं।

एक टॉप लॉ फर्म के अनुसार कंपनियों का फोकस पैसे बचाने और ऑपरेशन कॉस्ट को ऑप्टिमाइज करने पर है। बहुत सी कंपनियां पुराने और ट्रैडिशनल अलाउंस जैसे कंवेंस अलाउंस को खत्म करने पर विचार कर रही हैं और वर्क फ्रॉम होम में नए तरह के अलाउंस देने की सोच रही हैं।

नई सैलरी स्लिप में हाई स्पीड इंटरनेट के लिए अलाउंस शामिल किया जा सकता है। इसमें होम ऑफिस फर्नीचर, लैपटॉप, प्रिंटर, मेंटल और फिजिकल हेल्थ ऐप आदि भी शामिल हो सकते हैं। क्रच बंद हैं, तो सैलरी स्लिप में डोमेस्टिक हेल्प के लिए खर्च भी शामिल हो सकता है।

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