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कॉमन सिविल कोड और दो बच्चों का कानून संविधान के खिलाफ: शहरक़ाज़ी मेरठ


कॉमन सिविल कोड और दो बच्चों का कानून संविधान के खिलाफ: शहरक़ाज़ी मेरठ

मेरठ: देश में समान नागरिक संहिता व दो बच्चों के कानून को लेकर शहरकाजी प्रोफेसर जैनुस साजिद्दीन सिद्दीकी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दोनों बातें इस्लाम के खिलाफ हैं। गौरतलब है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज नई जनसँख्या नीति की घोषणा की है जिसमें सिर्फ दो बच्चों तक सीमित रहने की बात कही गयी है, शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने समान नागरिक संहिता को सही बताते हुए केंद्र सरकार को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

शहरकाजी का कहना है संविधान में सभी धर्म के लोगों को अपने धर्म को मानने का हक दिया है। ऐसे में दो बच्चों का कानून व समान नागरिक संहिता लागू करना मुसलमानों के साथ नाइंसाफी होगी। शहरकाजी ने कहा कि नसबंदी क़ानून पर जिस तरह पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भी फेल हो गई थीं उसी तरह योगी सरकार भी नाकाम रहेगी।

शहरकाजी के अनुसार अगर समान नागरिक संहिता लागू करने से मजहबी कानून को रोका जाता है तो ये संविधान के खिलाफ है। मुस्लिम पर्सनल लॉ कुरान से लिए गए हैं । बढ़ती जनसंख्या अगर समस्या बन रही है तो इस्लाम में इसका भी रास्ता बताया गया है, लेकिन कानून बनाकर दबाव डालना गलत होगा।

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