बाजार:- कोलो कोला सबसे पुरानी और बड़ी कोल्ड ड्रिंक कम्पनी है आज मार्केट में भले ही कई बड़े कोल्ड ड्रिंक ब्रांड आ गए हो लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के लोग आज भी ठंडा मतलब कोको कोला ही जानते हैं। वही हमने अक्सर देखा है कि लोग कोक पीते हैं और उसके खाली बोतल को सड़क पर ऐसे ही फेंक देते हैं। वही अब कोको कोला कम्पनी ने बड़ा निर्णय लिया है और कहा है कि अब सड़को पर कोको कोला की बोतल किसी को पड़ी नहीं दिखाई देगी। क्योंकि कोको कोला कम्पनी ग्राहकों को उपयोग की जाने वाली सिंगल यूज प्लास्टिक के निस्तारण के लिए बड़ी योजना पर काम कर रही है।
कम्पनी ने एक अधिसूचना जारी करते हुए कहा कि आगामी दो तीन सालों में कोको कोला कम्पनी भारत मे अपनी कोल्ड ड्रिंक के केन और बोतलों का रिसाइकल करेगी और सड़कों पर।कही भी कोको कोला के बोतल पड़े नहीं दिखाई देंगे। कम्पनी ने कहा वैश्विक स्तर पर कचरे के बिना दुनिया कैम्पन शुरू हुआ है हम उसी पर काम कर रहे हैं। कम्पनी का कहना है कि वह 2030 तक कंपनी पूरी दुनिया में बेचे जाने वाली सभी प्लास्टिक की बोतलों और कैनों को एकत्रित कर उनको रिसाइकल करेगी।
कोका-कोला इंडिया की सार्वजनिक मामला एवं संचार (Public Affairs and Communication) के उपाध्यक्ष देवयानी राज्य लक्ष्मी राणा ने कहा हमारा उद्देश्य कम्पनी के केन और बोतलों को रिसाइकल करने का है। एमएलपी प्लास्टिक का एक प्रकार होता है जिसे चिप्स, बिस्कुट, चॉकलेट और अन्य पदार्थों की ‘पैकेजिंग’ में इस्तेमाल किया जाता है। इसे रिसाइकल करना बहुत मुश्किल होता है।
