उत्तर प्रदेश विधानसभा के हंगामी बजट सत्र में आज उस वक्त अजीब सी स्थिति पैदा हो गयी जब उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या और नेता विपक्ष अखिलेश यादव के बीच बात आप से बाप तक पहुँच गयी, इस बीच विपक्ष की ओर कुछ अमर्यादित शब्दों का भी इस्तेमाल हुआ जिसपर नाराज़ होकर नेता सदन मुख्यमंत्री आदित्यनाथ को खड़ा होना पड़ा और अध्यक्ष को सम्बोधित करते हुए नेता विपक्ष को सदन की मर्यादा में रहकर अपनी बात कहने का अनुरोध करना पड़ा.
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दरअसल शुरुआत केशव प्रसाद मौर्या की ओर से हुई, उपमुख्यमंत्री अखिलेश यादव की उस बात का जवाब दे रहे थे जिसमें वो अपने कार्यकाल में हुई उपलब्धियों को गिना रहे थे, केशव प्रसाद मौर्या ने उनकी उसी बात का जवाब देते हुए बड़े ही बेढंगेपन से कहा कि ऐसा लगता है जैसे सैफई की ज़मीन बेचकर यह सब बनवाया हो, ज़ाहिर है इसपर अखिलेश यादव का भड़कना लाज़मी था, उन्होंने भी उसी अंदाज़ में जवाब दिया किया कि तुम क्या अपने पिता जी से पैसे लाकर यह सब करते हो.
सदन में हंगामे के बीच नेता सदन ने केशव प्रसाद मौर्या का बचाव किया और नेता विपक्ष को मर्यादा का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि किसी बात पर हम सहमत या असहमत हो सकते हैं लेकिन तू तू जैसे शब्दों का प्रयोग वह भी एक सम्मानित जनप्रतिनिधि के खिलाफ जो उपमुख्यमंत्री भी है सदन की मर्यादा के खिलाफ है. मुख्यमंत्री ने अध्यक्ष से अनुरोध किया कि वह ऐसे शब्दों के प्रयोग पर रोक लगाएं और जो भाषा प्रयोग की गयी है उसे कार्रवाई से निकालने का निर्देश दें.
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हालाँकि इसके बाद भी केशव मौर्या और अखिलेश के बीच नोक जारी रही. सदन में दूसरी बार हंगामा तब हुआ जब उपमुख्यमंत्री ने कोरोना के हवाले जवाब देते हुए अखिलेश पर हमला किया कि ये न कोरोना का टीका लगाते हैं और न ही अपने माथे पर. मौर्या की इस बात पर भी अखिलेश खड़े हो गए और सपा सदस्यों की तरफ ज़ोरदार हंगामा होने लगा.
