फटी जींस के बयान पर घिरे सीएम रावत की टिप्पणी पर खड़ा हुआ विवाद
सरकारी सुविधाओं का ज्यादा लाभ लेने के लिए ज्यादा बच्चे पैदा करने की दी नसीहत
देहरादून। जब बच्चे पैदा करने थे, तब उन्होंने 2 ही बच्चे पैदा करे। जबकि पड़ोसी ने 20 बच्चे पैदा करे, तो जाहिर सी बात है कि उसे ज्यादा राशन मिला। आपने भी ज्यादा बच्चे पैदा किए होते तो आपको भी ज्यादा राशन मिल जाता। यह सोच है उत्तराखंड के सीएम तीरथ सिंह रावत की जिन्होंने रामनगर में आयोजित कार्यक्रम में लोगों को सरकारी सुविधाओं का अधिक लाभ लेने के लिये ज्यादा बच्चे पैदा करने की नसीहत दे डाली। फटी जींस को लेकर महिलाओं का विरोध झेलने के बाद माफी मांगने वाले सीएम के इस बयान भाजपा को मुश्किलों में डाल दिया है। विपक्षी पार्टियां सीएम पर सवाल उठा रही हैं तो भाजपा को उनके सवालों का जवाब भी नहीं मिल रहा है।
उत्तराखंड में जनता से लेकर साधु-संतों तक की नाराजगी दूर करने के प्रयास में भाजपा ने त्रिवेंद्र सिंह रावत से सीएम पद से इस्तीफा दिला कर तीरथ सिंह रावत को प्रदेश सरकार की कमान सौंपी थी। उम्मीद थी की नये सीएम भाजपा की छवि को सुधारने का प्रयास करेंगे। लेकिन सीएम रावत का अब तक का कार्यकाल त्रिवेंद सरकार के फैसलों को पलटने और विवादित बयान देने में ही गुजर रहा है। हाल ही में हरिद्वार में हुए कार्यक्रम में महिलाओं के फटी जींस पहनने पर बयान देकर जबरदस्त विरोध झेलने वाले सीएम रावत ने उस प्रकरण से भी कोई सबक नहीं लिया और रामनगर में फिर एक विवादित बयान दे बैठें। अपने भाषण में सीएम रावत लोगों को सरकारी सुविधाओं का ज्यादा लाभ लेने के लिए ज्यादा बच्चे पैदा करने की नसीहत दे बैठे।
रामनगर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम तीरथ सिंह रावत ने कहा कि लाॅकडाउन में पीएम मोदी ने प्रति यूनिट 5 किलो राशन मुफ्त दिया था। जिनके परिवार में 2 लोग थे उन्हें 10 किलो राशन मिला। लेकिन जिनके परिवार में 20 लोग थे उन्हें 1 क्विंटल राशन मिला। सीएम रावत ने कहा, जब बच्चे पैदा करने थे, तब उन्होंने 2 ही बच्चे पैदा करे। जबकि पड़ोसी ने 20 बच्चे पैदा करे, तो जाहिर सी बात है कि उसे ज्यादा राशन मिला। आपने भी ज्यादा बच्चे पैदा किए होते तो आपको भी ज्यादा राशन मिल जाता।
एक ओर जहां सरकार की ओर से छोटा परिवार सुखी परिवार का संदेश दिया जाता है और पीएम मोदी की सरकार में जनसंख्या नियंत्रण कानून लाये जाने की संभावना जताई जाती रही हैं। ऐसे मेें उत्तराखंड के सीएम रावत का यह बयान लोगों को सरकारी सुविधाओं का अधिक लाभ लेने के लिये अधिक बच्चे पैदा करने को प्रेरित कर रहा है। हालांकि पूूर्व की तरह सीएम रावत यही कहते नजर आयेंगे की उनके कहने का उद्देश्य यह नहीं था या उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। लेकिन सीएम पद पर बैठे व्यक्ति से ऐसे गैर जिम्मेदाराना बयान या ऐसी बात कहने की आशा नहीं की जाती जिसके लिये उन्हें बाद में माफी मांगनी पडेे़े।

