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सीएम रावत बोले, आजादी के बाद लोगों को चीनी नहीं मिली थी


सीएम रावत बोले, आजादी के बाद लोगों को चीनी नहीं मिली थी

राज्य में हर यूनिट पर 800 ग्राम चीनी मिलती थी
फिसली सीएम रावत की जुबां, विपक्ष को मिला मौका

उत्तरकाशी। उत्तराखंड के सीएम का पद संभालते ही अपने काम से ज्यादा अपने विवादित बोलो के लियेे मशहूर हुए तीरथ सिंह रावत की फिसली जुबान ने फिर एक नया विवाद खड़ा कर विपक्षी दलों को सवाल उठाने का मौका दे दिया है। अब सीएम रावत का कहना है कि आजादी के बाद लोगों को चीनी नहीं मिली थी, हमारी सरकार ने सभी कार्ड धारकों के लिए 2 किलो चीनी देने का प्रावधान किया है। अपने काम की तारीफ में सीएम रावत इतने मंत्रमुग्ध हो गये कि वह यह भी भूल गये कि आजादी के बाद से सरकार हर व्यक्ति को चीनी सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों के माध्यम से दे रही है।

बीते दिनो फटी हुई जींस पहनने वाली महिलाओं को लेकर विवादित बयान देने वाले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने भारत को 200 साल तक अमेरिका का गुलाम बताने की गलती कर डाली थी। अमेरिका ने हम पर 200 साल तक राज किया। बच्चे पैदा करने को लेकर भी विवादित बयान देने वाले सीएम रावत का कहना था कि लाॅकडाउन में सरकार से ज्यादा राशन हासिल करने वाले लोगोें से औरों को जलन होने लगी कि 2 वाले को 10 किलो और 20 वाले को 1 क्विंटल क्यों मिल रहा है। अब इसमें दोष किसका है, जब समय था तो आपने 2 ही पैदा किए, 20 क्यों नहीं पैदा किए।

उत्तरकाशी के पीडब्लूडी गेस्ट हाउस में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सीएम तीरथ सिंह रावत ने एक बार फिर से विवादित बयान दिया है। सीएम ने कहा, हमारी सरकार ने पूरे प्रदेश में राशन की कोई कमी नहीं होने दी। आजादी के बाद लोगों को चीनी नहीं मिली थी लेकिन हमारी सरकार ने सभी कार्ड धारकों के लिए 2 किलो चीनी देने का प्रावधान किया है।

लेकिन सीएम रावत यह भूल गये कि राज्य में पहले भी सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों के माध्यम से हर यूनिट पर 800 ग्राम चीनी मिलती थी। सीएम के इस विवादित बयान से विपक्षी दलों को चुनावी वर्ष में सरकार को घेरने का एक और मौका मिल गया है। गौरतलब है कि सीएम रावत के बयान उत्तराखंड भाजपा को परेशानी में डालते रहते हैं।

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