न्यूज़ डेस्क – चीन ने द्वितीय विश्व युद्ध में जापान पर जीत की 80वीं वर्षगांठ के मौके पर अपनी नई इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक न्यूक्लियर मिसाइल DF-5C का पहली बार प्रदर्शन किया। यह तरल ईंधन से चलने वाली रणनीतिक परमाणु मिसाइल है, जिसकी अनुमानित रेंज 20,000 किलोमीटर से भी ज्यादा है। इसका मतलब है कि यह दुनिया के किसी भी हिस्से तक पहुंच सकती है।
परेड में दिखाए गए अन्य हथियार
DF-26D जहाज-रोधी बैलिस्टिक मिसाइल (रेंज 5,000 किमी)
CJ-1000 लंबी दूरी की हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल
HQ-29 बैलिस्टिक मिसाइल इंटरसेप्टर
‘कैरीयर किलर’ मिसाइलें, टाइप 99B युद्धक टैंक
लेजर डिफेंस वेपन, ड्रोन, H-6J बमवर्षक, अर्ली वार्निंग एयरक्राफ्ट
DF-5C की 6 बड़ी खासियतें
नई संरचना – तीन हिस्सों में, अलग-अलग वाहनों से ले जाई जाती है। तैयारी का समय पहले से कम।
लंबी रेंज – पूरे विश्व में किसी भी सैन्य लक्ष्य को हिट करने की क्षमता।
लॉन्च के कई तरीके – ज़रूरत के हिसाब से अलग-अलग लॉन्च ऑप्शन।
तेज उड़ान गति – कई माच की स्पीड, जिससे दुश्मन की इंटरसेप्शन क्षमता कम हो जाती है।
MIRV टेक्नोलॉजी – कई अलग-अलग वारहेड, जिनमें परमाणु या पारंपरिक हथियार हो सकते हैं।
बेहद सटीक निशाना – Inertial और स्टारलाइट गाइडेंस सिस्टम का इस्तेमाल।
चीन का कहना है कि उसकी परमाणु नीति रक्षात्मक है। DF-5C जैसे हथियारों का उद्देश्य दुश्मन को रोकना, राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करना और युद्ध को रोकने के लिए शक्ति का प्रदर्शन करना है।

