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गांवों के बच्चे भी ले सकेंगे आर्मी स्कूल में एडमिशन, महामहिम करेेंगे शुभारम्भ


गांवों के बच्चे भी ले सकेंगे आर्मी स्कूल में एडमिशन, महामहिम करेेंगे शुभारम्भ

लखनऊ। देश के पहले सैनिक स्कूल में शिरकत करते हुए भारत के राष्ट्रपति आज तमाम नयी और बड़ी घोषणाएं करेंगें। राष्ट्रपति के कार्यक्रम के बाद इस बात की तस्वीर साफ हो जाएगी कि यहां उत्तर प्रदेश की जनसंख्या और भौगोलिक स्थिति के मद्देनजर उप्र सैनिक स्कूल, लखनऊ की क्षमता को दोगुना किया जाएगा ताकि, प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को सैनिक स्कूल में शिक्षा प्राप्त करने का उचित अवसर प्राप्त हो सके। मालूम हो कि यहां के छात्र प्रशासनिक अधिकारी, कुशल चिकित्सक, श्रेष्ठ न्यायविद, उद्योगपति, राजनेता इत्यादि के रूप में विद्यालय का नाम रोशन कर रहे हैं। उप्र सैनिक स्कूल सोसाइटी के अन्तर्गत जनपद गोरखपुर में एक और सैनिक स्कूल की स्थापना की जा रही है।

भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उप्र की राज्यपाल श्रीमती आनन्दीबेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ आज कैप्टन मनोज कुमार पाण्डेय उत्तर प्रदेश आर्मी स्कूल, लखनऊ के हीरक जयन्ती वर्ष के समापन समारोह में शिरकत कर रहे हैं। इस मौके पर राष्ट्रपति ्रडॉ. सम्पूर्णानन्द की प्रतिमा का अनावरण, डॉ. सम्पूर्णानन्द प्रेक्षागृह का लोकार्पण, कैप्टन मनोज कुमार पाण्डेय उत्तर प्रदेश सैनिक स्कूल लखनऊ की क्षमता दोगुनी किए जाने की परियोजना एवं बालिका छात्रावास का शिलान्यास और डाक टिकट का विमोचन करेंगे।

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इस बावत प्रदेश सरकार के स्पोक्सपर्सन ने बताया कि कैप्टन मनोज कुमार पाण्डेय उत्तर प्रदेश आर्मी स्कूल, लखनऊ देश का पहला आर्मी स्कूल है। इसका अनुकरण कर रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा देश के विभिन्न स्थानों पर अन्य आर्मी स्कूलों की स्थापना की गई है।

स्पोक्सपर्सन के मुताबिक, गल्र्स को सैनिक स्कूलों में प्रवेश देने के लिए उत्तर प्रदेश आर्मी स्कूल को देश का पहला सैनिक स्कूल होने का गौरव प्राप्त है। साथ ही, इस स्कूल के भूतपूर्व छात्र कैडेट स्व. कैप्टन मनोज कुमार पाण्डेय को देश के सर्वोच्च सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।

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स्पोक्सपर्सन ने बताया कि बीते 60 वर्षों में इस स्कूल द्वारा विभिन्न यादगार उपलब्धियां हासिल की गई हैं। विद्यालय ने अपनी स्थापना से अभी तक लगभग 4,000 छात्र सैनिकों को प्रशिक्षित किया है, जिनमें से 1,000 से अधिक छात्र भारतीय सशस्त्र सेनाओं में अधिकारी बनकर देश की सेवा में शामिल और सेना के उच्च पदों पर स्थापित हैं।

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